आमिर, देवल ब्यूरो ,जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय से संबद्ध महाविद्यालयों के प्रबंधकों ने सोमवार को विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक से मुलाकात कर विभिन्न समस्याओं और मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा। स्ववित्तपोषित पूर्वांचल विश्वविद्यालय प्रबंधक महासंघ के अध्यक्ष डॉ. दिनेश कुमार तिवारी के नेतृत्व में पहुंचे प्रतिनिधिमंडल ने स्नातकोत्तर कक्षाओं के डिसर्टेशन (लघु शोध प्रबंध) के मूल्यांकन को लेकर आपत्ति जताते हुए इसे आंतरिक परीक्षकों से कराने की मांग की।
प्रबंधकों ने बताया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 के तहत सत्र 2025-26 में एमए, एमएससी और एमकॉम द्वितीय एवं चतुर्थ सेमेस्टर के विद्यार्थियों द्वारा तैयार किए गए लघु शोध प्रबंधों का मूल्यांकन बाह्य परीक्षकों से कराने का निर्देश दिया गया है। जबकि पिछले वर्ष यह कार्य आंतरिक परीक्षकों द्वारा कराया गया था।
प्रतिनिधिमंडल का कहना था कि सम एवं विषम दोनों सेमेस्टर की प्रयोगात्मक परीक्षाएं बाह्य परीक्षकों से कराए जाने से महाविद्यालयों और विद्यार्थियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ता है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ बाह्य परीक्षक छात्रों का आर्थिक शोषण भी करते हैं, जिससे विद्यार्थियों को अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ता है। प्रबंधकों ने यह भी कहा कि कई विश्वविद्यालयों में केवल विषम सेमेस्टर की प्रयोगात्मक परीक्षाएं ही बाह्य परीक्षकों से कराई जाती हैं, जबकि सम सेमेस्टर की परीक्षाएं आंतरिक स्तर पर संपन्न होती हैं।
परीक्षा नियंत्रक डॉ. विनोद कुमार सिंह के साथ हुई वार्ता में प्रबंधकों ने छात्रहित और महाविद्यालयों की व्यावहारिक समस्याओं को विस्तार से रखा। इस पर परीक्षा नियंत्रक ने आश्वासन दिया कि इस संबंध में कुलपति से चर्चा कर शीघ्र निर्णय लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि जो भी फैसला होगा, वह विश्वविद्यालय और छात्रों के हितों को ध्यान में रखकर लिया जाएगा।
महासंघ के पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर तत्काल सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो संबद्ध महाविद्यालय प्रायोगिक परीक्षाओं का बहिष्कार करने पर विचार करेंगे। साथ ही मामले की शिकायत शासन स्तर पर किए जाने और आवश्यक होने पर आंदोलन शुरू करने की भी बात कही।
इस अवसर पर डॉ. ज्ञान प्रकाश पाठक, कमलेश यादव भानु, अमित पांडेय, पिंटू चौबे, प्रदीप पांडेय, रामदरश यादव, दिनेश यादव, प्रभाकर तिवारी, अभिनव यादव, रत्नेश तिवारी, राजकुमार मौर्य, सुधीर यादव, जयप्रकाश सिंह, शिव कुमार, अमित सिंह, बहादुर तथा मुन्नेलाल यादव सहित बड़ी संख्या में महाविद्यालय प्रबंधक उपस्थित रहे।
