देवल, ब्यूरो चीफ,सोनभद्र। सोनभद्र पुलिस और एएनटीएफ लखनऊ यूनिट की टीम ने संयुक्त कार्रवाई में अंतरराज्यीय गांजा तस्करी के एक बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए छह तस्करों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके कब्जे से 8 कुंतल 684 ग्राम (868.4 किलोग्राम) अवैध गांजा, एक डीसीएम वाहन, एक सियाज कार, आठ मोबाइल फोन तथा कुछ नकदी रूपए बरामद किया है। बरामद माल की कुल अनुमानित कीमत करीब 1 करोड़ 16 लाख रुपए बताई जा रही है।
एएनटीएफ लखनऊ यूनिट को सूचना मिली थी कि उड़ीसा से भारी मात्रा में गांजा डीसीएम वाहन के जरिए उत्तर प्रदेश लाया जा रहा है, जबकि एक अन्य वाहन पुलिस की गतिविधियों पर नजर रख रहा है। सूचना के आधार पर थाना रॉबर्ट्सगंज पुलिस और एएनटीएफ की संयुक्त टीम ने सुकृत चौकी क्षेत्र के चहेलवा स्थित बैजू बाबा मंदिर के पास घेराबंदी कर डीसीएम और सियाज कार को रोक लिया। तलाशी के दौरान जड़ी-बूटी की बोरियों के बीच छिपाकर रखा गया 868 किलो से अधिक गांजा बरामद हुआ। पूछताछ में गिरफ्तार आरोपियों ने खुलासा किया कि वे लंबे समय से उड़ीसा से गांजा खरीदकर सुल्तानपुर, सीतापुर और आसपास के क्षेत्रों में सप्लाई कर रहे थे। गांजे की खेप को जड़ी-बूटी की बोरियों के बीच छिपाया जाता था ताकि चेकिंग के दौरान किसी को शक न हो। जरूरत पड़ने पर जड़ी-बूटी के वैध दस्तावेज दिखाकर जांच एजेंसियों को भ्रमित किया जाता था। पुलिस के अनुसार, तस्करी के दौरान सियाज कार में सवार सदस्य आगे-पीछे चलकर पुलिस चेकिंग की रेकी करते थे। बरामद खेप उड़ीसा के बलांगीर क्षेत्र से लगभग 20 लाख रुपये में खरीदी गई थी, जिसे आगे कई गुना अधिक कीमत पर बेचा जाना था। पुलिस जांच में सामने आया है कि रोहित कुमार सिंह और अंकित सिंह गिरोह का संचालन कर रहे थे, जबकि अन्य आरोपी परिवहन, निगरानी और सप्लाई का काम संभालते थे। आरोपियों ने बताया कि गांजे की यह खेप सीतापुर के एक व्यक्ति तक पहुंचाई जानी थी। उड़ीसा में गांजा उपलब्ध कराने वाले व्यक्ति को वे केवल दादा नाम से जानते हैं और उससे व्हाट्सएप के माध्यम से संपर्क करते थे।
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