आमिर, देवल ब्यूरो , मड़ियाहूं, जौनपुर। कोतवाली क्षेत्र के पिपरा गांव में शुक्रवार को उस समय हड़कंप मच गया जब एक 14 वर्षीय किशोर का शव संदिग्ध परिस्थितियों में जंगल में पड़ा मिला। मृतक के शरीर पर कई स्थानों पर चोट के निशान पाए गए हैं, जिससे परिजन और ग्रामीण हत्या की आशंका जता रहे हैं। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की गहन जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार पिपरा गांव निवासी सुरेश यादव का पुत्र आरुष यादव (14) शुक्रवार सुबह लगभग 10 बजे घर से निकला था। परिजनों के मुताबिक आरुष पाही पर भोजन करने के बाद बाहर गया था, लेकिन देर तक घर वापस नहीं लौटा। काफी तलाश के बाद भी उसका कोई सुराग नहीं मिला तो परिवार की चिंता बढ़ गई।
शाम करीब साढ़े चार बजे ग्रामीणों को गांव से लगभग 400 मीटर दूर बंधे के पास स्थित जंगल में एक किशोर का शव पड़ा दिखाई दिया। सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। शव की पहचान आरुष यादव के रूप में होने पर परिवार में कोहराम मच गया और गांव में शोक की लहर दौड़ गई।
घटना की सूचना ग्राम प्रधान द्वारा पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही प्रभारी निरीक्षक दीपेंद्र सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भरने के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
पुलिस जांच के दौरान मृतक की जेब से एक माचिस बरामद हुई, जबकि शव के पास बीड़ी का एक बंडल मिला है। वहीं किशोर के पैर सहित शरीर के कई हिस्सों पर चोट के निशान पाए गए हैं। पुलिस इन तथ्यों को ध्यान में रखते हुए हर पहलू से मामले की जांच कर रही है।
बताया जा रहा है कि आरुष अपने ननिहाल नरायनपुर गांव में रहकर पढ़ाई करता था। गर्मी की छुट्टियां बिताने के लिए वह अपने पैतृक गांव पिपरा आया हुआ था। अचानक हुई इस घटना से परिवार के साथ-साथ पूरे गांव में मातम का माहौल है।
क्षेत्राधिकारी विजय चौधरी ने बताया कि एक 14 वर्षीय किशोर का शव बरामद हुआ है। शव पर चोट के निशान पाए गए हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मृत्यु के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा। रिपोर्ट के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी। पुलिस सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है।
