कृष्ण, देवल ब्यूरो, अंबेडकर नगर ।विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के निर्देशानुसार प्रधानाचार्य के तत्वाधान में महमाया राजकीय एलोपैथिक मेडिकल कॉलेज, अंबेडकर नगर में मानसिक स्वास्थ्य एवं आत्महत्या रोकथाम विषयक 18 जून 2026 को साप्ताहिक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों एवं कर्मचारियों को मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना तथा तनाव एवं मानसिक रोगों से बचाव के उपायों की जानकारी प्रदान करना था।
कार्यक्रम में मानसिक रोग विशेषज्ञ डॉ अमित कुमार गुप्ता द्वारा बताया गया कि वर्तमान समय में तनाव अधिकांश मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं का प्रमुख कारण बनता जा रहा है। तनाव के कारण एंजायटी, डिप्रेशन, डिसोसिएटिव डिसऑर्डर, फोबिया, पैनिक अटैक एवं तनाव संबंधी विकार तथा अन्य मानसिक रोग उत्पन्न हो सकते हैं। मानसिक रोग विशेषज्ञ ने माइल्ड, मॉडरेट एवं सीवियर डिप्रेशन के लक्षणों, प्रभावों तथा उनके समय पर उपचार के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी। साथ ही जीवन में आने वाले उतार-चढ़ाव, पारिवारिक एवं सामाजिक चुनौतियों का सकारात्मक रूप से सामना करने तथा तनाव प्रबंधन के विभिन्न उपायों पर भी प्रकाश डाला गया।
कार्यक्रम के दौरान आत्महत्या के जोखिम कारकों, चेतावनी संकेतों एवं उससे बचाव के प्रभावी उपायों पर चर्चा की गई। प्रतिभागियों को बताया गया कि किसी भी व्यक्ति की मानसिक स्थिति के प्रति संवेदनशील रहना चाहिए तथा उसकी बातों को गंभीरता से सुनते हुए समय पर उचित सहायता उपलब्ध करानी चाहिए। किसी भी व्यक्ति को उसकी मानसिक समस्याओं के आधार पर आंकने या उसके प्रति पूर्वाग्रहपूर्ण दृष्टिकोण अपनाने से बचना चाहिए।
इस अवसर पर राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य सहायता सेवा टेली-मानस (Tele-MANAS) हेल्पलाइन 14416 के महत्व पर विशेष चर्चा की गई। 12 मार्च 2026 से सप्ताहिक जागरूकता कार्यक्रम में सभी छात्र-छात्राओं से टेली-मानस नंबर साझा किया जा रहे हैं जिसमें सबसे ज्यादा परामर्श होने के पीछे मेडिकल कॉलेज के साप्ताहिक कार्यक्रम का विशेष योगदान रहा है। उपस्थित विद्यार्थियों को बताया गया कि तनाव, चिंता, अवसाद, भावनात्मक संकट अथवा आत्महत्या संबंधी विचार आने की स्थिति में टेली-मानस हेल्पलाइन 14416 पर संपर्क कर विशेषज्ञों से निःशुल्क, गोपनीय एवं त्वरित परामर्श प्राप्त किया जा सकता है। विद्यार्थियों को मानसिक स्वास्थ्य संबंधी सहायता प्राप्त करने हेतु उपलब्ध विभिन्न संसाधनों की भी जानकारी प्रदान की गई।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों के साथ द्विपक्षीय संवाद आयोजित किया गया, जिसमें उपस्थित बी.एस.सी. नर्सिंग के छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक विभिन्न प्रश्न पूछे तथा विशेषज्ञ द्वारा उनके सटीक एवं संतोषजनक उत्तर दिए गए। विद्यार्थियों ने मानसिक स्वास्थ्य, तनाव प्रबंधन तथा आत्महत्या रोकथाम से संबंधित विषयों में प्रश्न करते हुए विशेष रुचि दिखाई।
कार्यक्रम में सामान्य मेडिसिन विभाग से एम.डी. डॉ उज्जवल अग्रवाल एवं डॉ मारूफ शेख चिकित्सकों की उपस्थिति रही। बी.एस.सी. नर्सिंग की छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। कार्यक्रम में जूनियर असिस्टेंट प्रदीप कुमार यादव, सीनियर नर्सिंग स्टाफ से अर्चना वर्मा, अश्वनी सिंह, विमला मिश्रा, रंजना मौर्य तथा बीना पाल, सुमन मौर्य एवं संगीता दयाल उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के सफल आयोजन में काउंसलर विनोद कनौजिया, डॉ. प्रियम खरे, स्टाफ नर्स अनुराग त्रिपाठी तथा डाटा मैनेजर स्वीटी शर्मा का महत्वपूर्ण योगदान रहा। कार्यक्रम को सफल बनाने में टीचर्स एसोसिएशन का भी भरपूर सहयोग प्राप्त हुआ। इसके अतिरिक्त एल.टी.-1 से हिमांचल एवं राजित राम का भी विशेष सहयोग रहा।
अंत में महाविद्यालय प्रशासन द्वारा सभी विद्यार्थियों एवं कर्मचारियों से मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक एवं संवेदनशील रहने तथा आवश्यकता पड़ने पर टेली-मानस हेल्पलाइन 14416 का उपयोग करने का आह्वान किया गया।
