देवल संवाददाता, मऊ। तंबाकू के उपयोग से जुड़े स्वास्थ्य जोखिमों तथा इसकी खपत कम करने की दिशा में जागरुकता पैदा किया जाता है। इससे संबंधित प्रभावी नीतियों की वकालत करने के लिए यह दिवस मनाया जाता है। भारत वर्ष में प्रतिवर्ष तंबाकू से लाखों लोगों का जीवन समाप्त होता है। तंबाकू का निषेध करने से जीवन का उद्वार होगा। प्रसिद्व चिकित्सक डॉ संजय सिंह ने यह विचार विश्व तंबाकू निषेध दिवस पर जननायक चंद्रशेखर हास्पिटल में आयोजित जनजागरुकता कार्यक्रम में व्यक्त किया।डॉ सिंह ने कहा कि तंबाकू के पौधे का सामान्य नाम निकोटियाना टैबैकम है। इसके द्वारा धूम्रपान,चबाने,सूंघने या निकोटिन निकालने के लिए किया जाता है। तंबाकू में मौजूद निकोटिन शराब,मार्फिन व कोकिन जैसे नशे की लत लगाती है। युवाओं में इसका प्रभाव तेजी से बढ़ रहा है जो उनके स्वास्थ्य के लिए घातक है।कार्यक्रम में डॉ मलिक उताऊर रहमान,डॉ विशाल सिंह,डॉ विनीता सिंह,प्रशासनिक निदेशक अरुण कुमार सिंह ने तंबाकू से होने वाले दुष्परिणाम पर विस्तार से जानकारी प्रदान किया। इस अवसर पर आयोजित निःशुल्क चिकित्सा शिविर में 85 लोगों की जांच कर निःशुल्क दवाओं का वितरण किया गया।
