देवल, ब्यूरो चीफ,शक्तिनगर, सोनभद्र। डिजिटल इंडिया और कैशलेस लेनदेन को बढ़ावा देने के सरकारी अभियान के बीच शक्तिनगर क्षेत्र स्थित परासी स्वतंत्र गैस एजेंसी पर उपभोक्ताओं ने गंभीर आरोप लगाया हैं। क्षेत्र के कई ग्राहकों का कहना है कि गैस सिलेंडर की होम डिलीवरी के दौरान एजेंसी के डिलीवरी कर्मी ऑनलाइन भुगतान लेने से साफ इंकार कर रहे हैं। उनके द्वारा केवल नकद भुगतान की मांग की जा रही है। इस व्यवस्था से उपभोक्ताओं में नाराजगी बढ़ती जा रही है तथा लोगों को अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
उपभोक्ताओं के अनुसार, वर्तमान समय में अधिकांश लोग यूपीआई, फोन-पे, गूगल पे, पेटीएम एवं अन्य डिजिटल माध्यमों से भुगतान करना सुविधाजनक मानते हैं। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में भी अब डिजिटल भुगतान आम बात हो चुकी है। इसके बावजूद गैस एजेंसी द्वारा ऑनलाइन भुगतान स्वीकार न करना लोगों की समझ से परे है। ग्राहकों का कहना है कि कई बार घर में पर्याप्त नकदी उपलब्ध नहीं होती, ऐसे में डिलीवरी के समय अचानक कैश की व्यवस्था करना मुश्किल हो जाता है। स्थानीय उपभोक्ताओं ने आरोप लगाया कि जब वे ऑनलाइन भुगतान की बात करते हैं तो डिलीवरी कर्मी नकद भुगतान के लिए दबाव बनाते हैं। कुछ लोगों का कहना है कि यदि ग्राहक तत्काल नकद भुगतान नहीं कर पाता तो सिलेंडर वापस ले जाने की बात कही जाती है। इससे खासकर बुजुर्ग, महिलाएं और नौकरीपेशा लोग अधिक परेशान हो रहे हैं। क्षेत्रीय उपभोक्ताओं का कहना है कि केंद्र सरकार लगातार डिजिटल इंडिया अभियान के माध्यम से लोगों को ऑनलाइन भुगतान के प्रति जागरूक कर रही है। सरकारी योजनाओं, बैंकिंग सेवाओं और दैनिक लेनदेन में डिजिटल माध्यमों को प्राथमिकता दी जा रही है। ऐसे समय में एक आवश्यक सेवा से जुड़ी एजेंसी द्वारा डिजिटल भुगतान से दूरी बनाना कई सवाल खड़े करता है।
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