आमिर, देवल ब्यूरो ,जफराबाद, जौनपुर। सिरकोनी ब्लॉक के बिशुनपुर गांव में विकास कार्यों में कथित अनियमितताओं और वित्तीय गड़बड़ियों की जांच करने पहुंची प्रशासनिक टीम के सामने शनिवार को उस समय तनावपूर्ण स्थिति उत्पन्न हो गई, जब दो पक्ष आपस में भिड़ गए। विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक और धक्का-मुक्की की नौबत आ गई। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला चर्चा का विषय बना हुआ है।
जानकारी के अनुसार गांव निवासी रमेश और इंद्राज यादव ने ग्राम पंचायत में कराए गए विकास कार्यों में लाखों रुपये के घोटाले और अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए जिलाधिकारी से शिकायत की थी। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए जिला प्रशासन ने मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय टीम का गठन किया था। टीम में जिला विकास अधिकारी मीनाक्षी देवी, लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के अधिशासी अभियंता तथा जिला समाज कल्याण अधिकारी को शामिल किया गया था।
बताया जाता है कि जांच प्रक्रिया के दौरान पहले ही कई महत्वपूर्ण कार्रवाई हो चुकी है। प्रारंभिक जांच में ग्राम प्रधान के खाते को सीज कर दिया गया था, जबकि करीब एक सप्ताह पूर्व ग्राम सचिव को भी निलंबित कर दिया गया। इसके बावजूद शिकायतकर्ता पक्ष जांच से पूरी तरह संतुष्ट नहीं था और विस्तृत जांच की मांग कर रहा था।
शनिवार को जिला विकास अधिकारी मीनाक्षी देवी के नेतृत्व में जांच टीम गांव पहुंची और विभिन्न विकास कार्यों का स्थलीय निरीक्षण शुरू किया। इसी क्रम में एक खेत में कराई गई मेड़बंदी के कार्य का सत्यापन किया जा रहा था। जांच के दौरान दो चचेरे भाइयों के परिवारों के बीच मेड़बंदी को लेकर विवाद शुरू हो गया।
एक पक्ष का दावा था कि संबंधित खेत में मेड़बंदी का कार्य वास्तव में कराया गया था, जबकि दूसरा पक्ष इसे पूरी तरह गलत बताते हुए कह रहा था कि मौके पर कोई कार्य नहीं हुआ है। इसी मुद्दे पर दोनों पक्षों के बीच पहले बहस हुई, जो देखते ही देखते गाली-गलौज और तीखी झड़प में बदल गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार जांच टीम ने कई बार दोनों पक्षों को शांत रहने और जांच प्रक्रिया में बाधा न डालने की अपील की, लेकिन विवाद बढ़ता ही गया। स्थिति कुछ समय के लिए तनावपूर्ण हो गई, हालांकि मौके पर मौजूद लोगों और अधिकारियों के हस्तक्षेप से मामला शांत कराया गया।
घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें दोनों पक्षों के बीच कहासुनी और विवाद होता दिखाई दे रहा है। वीडियो सामने आने के बाद गांव में विकास कार्यों और जांच प्रक्रिया को लेकर चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है।
वहीं, पुलिस की ओर से बताया गया है कि घटना के संबंध में अब तक किसी भी पक्ष ने कोई लिखित शिकायत नहीं दी है। जलालपुर थाने के प्रभारी थानाध्यक्ष राजकुमार ने बताया कि मामले में कोई तहरीर प्राप्त नहीं हुई है। यदि किसी पक्ष की ओर से शिकायत दी जाती है तो जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल प्रशासनिक टीम अपनी जांच प्रक्रिया जारी रखे हुए है और विकास कार्यों से जुड़े आरोपों की रिपोर्ट तैयार की जा रही है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही मामले में आगे की कार्रवाई की दिशा स्पष्ट हो सकेगी।
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