आमिर, देवल ब्यूरो ,प्रयागराज। भीषण गर्मी के बीच रेलवे स्टेशन पर एक यात्री अचानक बेहोश होकर प्लेटफार्म पर गिर पड़ा। मौके पर मौजूद जीआरपी जवान की तत्परता और प्रशिक्षण ने समय रहते उसकी जान बचा ली। जवान ने बिना देर किए यात्री को सीपीआर (कार्डियो पल्मोनरी रिससिटेशन) दिया, जिसके बाद उसकी सांसें दोबारा चलने लगीं। घटना के बाद स्टेशन पर मौजूद यात्रियों ने जवान की बहादुरी और सूझबूझ की जमकर सराहना की।
जानकारी के अनुसार सुल्तानपुर जिले के चंदा थाना क्षेत्र के तटीरीपुर गांव निवासी 50 वर्षीय प्रभाकर मिश्रा शनिवार दोपहर करीब 2:45 बजे रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर-1 पर काशी विश्वनाथ एक्सप्रेस का इंतजार कर रहे थे। इसी दौरान तेज धूप और अत्यधिक गर्मी के कारण उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई और वे चक्कर खाकर प्लेटफार्म पर गिर पड़े। कुछ ही क्षणों में वह बेहोश हो गए, जिससे वहां मौजूद यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई।
प्लेटफार्म पर ड्यूटी कर रहे जीआरपी जवान अभिजीत दूबे ने शोर-शराबा सुनते ही तत्काल मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने सबसे पहले यात्री को होश में लाने का प्रयास किया और चेहरे पर पानी के छींटे मारे, लेकिन कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए उन्होंने तुरंत सीपीआर देना शुरू कर दिया।
करीब दो से तीन मिनट तक लगातार हार्ट पंपिंग और प्राथमिक चिकित्सा देने के बाद प्रभाकर मिश्रा की सांसें सामान्य होने लगीं और उन्हें होश आ गया। यह देखकर यात्रियों और रेलवे कर्मचारियों ने राहत की सांस ली।
होश में आने के बाद प्रभाकर मिश्रा ने बताया कि वह प्रयागराज के हंडिया क्षेत्र स्थित एक पेट्रोल पंप में प्रबंधक के पद पर कार्यरत हैं और ट्रेन से अपने घर सुल्तानपुर जा रहे थे। उन्होंने बताया कि अत्यधिक गर्मी और शरीर में पानी की कमी के कारण उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई थी।
घटना के बाद जीआरपी जवान अभिजीत दूबे ने मानवता का परिचय देते हुए प्रभाकर मिश्रा के मोबाइल फोन से उनके सहकर्मियों को सूचना दी। कुछ ही देर में उनके सहयोगी स्टेशन पहुंच गए। इसके बाद जीआरपी की सहायता से उन्हें उपचार के लिए प्रयागराज के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया।
चिकित्सकों ने बताया कि यदि समय रहते सीपीआर नहीं दिया जाता तो स्थिति गंभीर हो सकती थी। फिलहाल मरीज की हालत स्थिर है और वह खतरे से बाहर हैं।
इस घटना के बाद स्टेशन पर मौजूद यात्रियों ने जीआरपी जवान अभिजीत दूबे की प्रशंसा करते हुए कहा कि उनकी त्वरित कार्रवाई ने एक व्यक्ति की जान बचा ली। रेलवे अधिकारियों ने भी उनके कार्य की सराहना करते हुए इसे कर्तव्यनिष्ठा और मानवीय संवेदनशीलता का उत्कृष्ट उदाहरण बताया।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि वर्तमान समय में भीषण गर्मी और लू के कारण डिहाइड्रेशन तथा हीट स्ट्रोक के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। ऐसे में यात्रा के दौरान पर्याप्त मात्रा में पानी पीना, सिर को ढककर रखना और लंबे समय तक धूप में खड़े रहने से बचना आवश्यक है। किसी व्यक्ति के अचानक बेहोश होने की स्थिति में तत्काल प्राथमिक उपचार और चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध कराना जीवनरक्षक साबित हो सकता है।
