आमिर, देवल ब्यूरो ,जौनपुर। तहसील बदलापुर क्षेत्र में दैवीय आपदाओं के कारण हुई दो अलग-अलग घटनाओं में मृतकों के परिजनों को जिला प्रशासन की ओर से आर्थिक सहायता प्रदान की गई है। शासन की राहत नीति के तहत दोनों परिवारों को कुल 8 लाख रुपये की अहेतुक सहायता राशि उनके बैंक खातों में हस्तांतरित की गई है। प्रशासन का कहना है कि पीड़ित परिवारों को समयबद्ध राहत उपलब्ध कराना उसकी प्राथमिकता है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार बदलापुर तहसील के ग्राम बरहुपुर, परगना गड़वारा निवासी भूलन पुत्र दुखी की 11 अप्रैल 2026 को छप्पर में आग लगने की घटना में झुलसकर मृत्यु हो गई थी। घटना के बाद राजस्व विभाग द्वारा मामले की जांच कर आवश्यक रिपोर्ट तैयार की गई। उपजिलाधिकारी और तहसीलदार बदलापुर की संस्तुति के बाद मृतक के वैधानिक वारिसों को दैवीय आपदा राहत निधि से 4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता स्वीकृत कर उनके खाते में भेज दी गई।
इसी प्रकार दूसरी घटना ग्राम सलामतपुर, परगना रारी की है, जहां 27 अप्रैल 2026 को हरमेंद्र पुत्र सूबेदार की गोमती नदी में स्नान के दौरान डूबने से मौत हो गई थी। घटना की सूचना मिलने के बाद प्रशासन ने आवश्यक अभिलेखों और जांच प्रक्रिया को पूरा कराया। सभी औपचारिकताएं पूरी होने के उपरांत मृतक के परिजनों को भी राहत मद से 4 लाख रुपये की सहायता राशि प्रदान की गई।
जिला प्रशासन ने बताया कि प्राकृतिक और आकस्मिक आपदाओं में जान गंवाने वाले व्यक्तियों के आश्रितों को आर्थिक संबल उपलब्ध कराने के लिए शासन द्वारा निर्धारित प्रावधानों के अनुसार राहत राशि दी जाती है। इसका उद्देश्य कठिन परिस्थितियों में प्रभावित परिवारों को तत्काल आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना है, ताकि वे संकट की घड़ी में कुछ राहत महसूस कर सकें।
प्रशासनिक अधिकारियों ने कहा कि दैवीय आपदा से जुड़े मामलों में जांच और अभिलेखीय प्रक्रिया को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जा रहा है। साथ ही यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि पात्र लाभार्थियों को बिना अनावश्यक विलंब के सहायता राशि उपलब्ध हो सके।
जिला प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि किसी भी प्रकार की दैवीय आपदा या दुर्घटना की स्थिति में तत्काल संबंधित राजस्व एवं प्रशासनिक अधिकारियों को सूचना दें, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई करते हुए शासन द्वारा अनुमन्य राहत उपलब्ध कराई जा सके।
