मिडिल ईस्ट में जारी तनातनी के बीच होर्मुज स्ट्रेट से सटे ओमान तट पर गुजरात का एक और मालवाहक जहाज डूब गया। हाजी अली' नाम का जहाज 13 मई की सुबह ओमान के समुद्री क्षेत्र से गुजर रहा था, इसी दौरान उसपर ड्रोन या मिसाइल जैसा हथियार से हमला किया गया, हमले के बाद जहाज में आग लग गई। हालांकि, ओमान कोस्टगार्ड ने सभी 14 क्रू मेंबर्स को सुरक्षित बचा लिया।
भारत ने बुधवार को ओमान के तट पर भारतीय झंडे वाले जहाज पर हुए हमले की कड़े शब्दों में निंदा की है। विदेश मंत्रालय ने गुरुवार को एक बयान जारी करते हुए कहा कि ऐसे हमलों को बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।
भारत ने जताई आपत्ति
विदेश मंत्रालय के आधिकारिक बयान अनुसार, बुधवार (13 मई) को ओमान के तट पर भारतीय झंडे वाले जहाज पर हुआ हमला किसी भी हालत में मंजूर नहीं है। हम इस बात की निंदा करते हैं कि व्यावसायिक जहाजों और आम नाविकों को लगातार निशाना बनाया जा रहा है।
वहीं, विदेश मंत्रालय ने सभी भारतीय चालक दल के सुरक्षित होने की पुष्टि करते हुए ओमानी अधिकारियों का आभार जताते हुए लिखा, "जहाज पर सवार भारतीय क्रू सुरक्षित हैं और हम उन्हें बचाने के लिए ओमानी अधिकारियों को धन्यवाद देते हैं।"
भारत फिर से कहता है कि कमर्शियल शिपिंग को टारगेट करने और बेकसूर सिविलियन क्रू मेंबर्स को खतरे में डालने, या किसी और तरह से नेविगेशन और कॉमर्स की आजeदी में रुकावट डालने से बचना चाहिए।
ओमान के समुद्री तट के पास हुआ हमला
यह जहाज बेरबेरा पोर्ट से शारजाह जा रहा था। सुबह करीब 3:30 बजे ओमान के समुद्री तट के पास जहाज हादसे का शिकार हुआ। जहाज में सवार क्रू मेंबर्स ने बताया कि जहाज से किसी विस्फोटक जैसी चीज के टकराने की आवाज सुनाई दी थी। इसके बाद जहाज में आग लग गई। हालात बिगड़ने पर सभी 14 क्रू मेंबर्स ने लाइफ बोट की मदद से जहाज छोड़ा। इस दौरान ओमानी अधिकारियों ने आगे बढ़कर भारतीय क्रू मेंबर्स की मदद की।
7 मई को भी भारतीय जहाज हुआ था फायरिंग का शिकार
गौरतलब है कि इससे पहले 7 मई को होर्मुज स्ट्रेट से गुजर रहा गुजरात के द्वारका का एक और मालवाहक जहाज MSV AL फैज नूरे सुलेमानी-I भी अमेरिका और ईरान नेवी के बीच फायररिंग का शिकार हुआ था।
