देवल, ब्यूरो चीफ,सोनभद्र। बेटी बचाओ का नारा देने वाली उत्तर प्रदेश सरकार की सोनभद्र पुलिस 5 वर्ष पूर्व अपहरण की गई बेटी को अभी तक नहीं ढूंढ पाई है। मामला संज्ञान में आने पर उच्च न्यायालय इलाहाबाद ने राबर्ट्सगंज कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक और सीओ को तलब किया। कोर्ट को पुलिस के अधिकारी ने एसआईटी टीम गठित करने का भरोसा दिलाते हुए बेटी को बरामद करने का समय मांगा है। वहीं पूर्व में कई बार लापता बेटी के मां के ऊपर अपहरणकर्ताओ ने हमला भी किया, जिसकी रिपोर्ट कोतवाली राबर्ट्सगंज में दर्ज है।। इस आशय की जानकारी एडवोकेट विकास शाक्य ने दी है।
एडवोकेट विकास शाक्य ने बताया कि 16 फरवरी 2020 को 10 बजे दिन भाटौलिया तेंदू निवासी धर्मशीला मौर्य की 19 वर्षीय लड़की घर से निकलने के बाद जब वापस शाम तक घर नहीं पहुंची तो थाना राबर्ट्सगंज में सूचना दर्ज कराई। पुलिस ने गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज की। इस बीच अपहृत की मां को मालूम चला कि उसकी बेटी का अपहरण वंशराज और वीरेश कुमार यादव उर्फ मोहन यादव स्कॉर्पियो पर जबरन बैठा कर ले गए हैं, तब पुलिस को सूचना देकर मुकदमा दर्ज करना चाही, परंतु पुलिस मुकदमा दर्ज नहीं की। अपहृता की मां ने कानून के रखवालो की हर चौखट पर दस्तक दी, तब जाकर आखिर में 3 वर्ष बाद 6 अगस्त 2023 को मुकदमा अपराध संख्या 474 सन 2023 धारा 366 भादवि दर्ज हुआ। इसके बाद पुलिस 3 माह के अंदर ही बिना लड़की बरामद किये ही विवेचना की खाना पूर्ति करते हुए चार्जसीट 3 अक्टूबर को प्रस्तुत कर दी। दोनों आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया। हालांकि वह आज जमानत पर बाहर हैं। मुकदमा के पैरवी अपहरीता की मां करने लगी तो उस पर कई बार हमला हुआ, जिसके बावत कोतवाली में अपराध संख्या 666 सन 2025 मुकदमा दर्ज हुआ, फिर भी पुलिस सक्रिय नहीं हुई। न्यायालय सीएडब्लू अपर सत्र न्यायाधीश ने पुलिस अधीक्षक को अपहरिता की बरामद के बाबत टीम गठित करने का आदेश दिया था परंतु पुलिस संवेदनशील नहीं हुई । तब मामला उच्च न्यायालय के अधिवक्ता संतोष दुबे ने उच्च न्यायालय के समक्ष उठाया, जिसपर न्यायालय ने कोतवाल और सीओ को तलब किया, तब पुलिस अधिकारी ने एसआईटी का गठन करने और अपहरिता बेटी को बरामद करने का भरोसा न्यायालय को दिलाते हुए समय की मांग की। उच्च न्यायालय ने 24 फरवरी 2026 को मामले की सुनवाई हेतु तिथि तय की है। F
श्री शाक्य ने कहा कि पुलिस की रवैया अमीरी-गरीबी को पहचान करता है। इम्तियाज हत्याकांड के बाद ही उस्मान अली को विटनेस प्रोटेक्शन स्कीम 2018 के तहत 8 वर्षों से लगातार 6 पुलिस कांस्टेबल तीन लेयर की सुरक्षा प्रदान कर रहे हैं। वहीं गरीब मौर्य परिवार की अपहरिता की मां वादिनी को मरापिटा जा रहा है, पुलिस उसे सुरक्षा आज तक नहीं दी। निश्चित तौर पर अपहरिता की मां के साथ कोई संगीन वारदात होती है तो सोनभद्र पुलिस सीधा जिम्मेदार होगी। अपहरिता की मां की उम्मीद 24 फरवरी को उच्च न्यायालय के अग्रिम आदेश पर टिकी है।
