देवल संवाददाता, बलिया में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत जनपद स्तरीय निगरानी समिति की बैठक जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में संपन्न हुई। बैठक में जिलाधिकारी ने योजना की प्रगति की समीक्षा करते हुए लापरवाही पर कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने 250 अपात्र व्यक्तियों को बिना सत्यापन के भुगतान की गई धनराशि की संबंधित अधिकारियों के वेतन से रिकवरी के आदेश दिए।
समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने बताया कि जनपद के सभी विकासखंडों में कुल 623 प्रधानमंत्री आवास बनाए जाने का लक्ष्य निर्धारित था। इसमें विकासखंड गड़वार में 62, सोहांव में 8, रेवती में 8 तथा चिलकहर में 4 आवास अब तक पूर्ण नहीं हो सके हैं। इस पर जिलाधिकारी ने गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधित विकासखंड अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई।
बैठक में यह भी सामने आया कि 27 आवास मृतक व्यक्तियों के नाम पर आवंटित किए गए हैं, 80 आवास जमीनी विवाद के कारण लंबित हैं तथा 31 आवास न्यायालय में विचाराधीन हैं। जिलाधिकारी ने संबंधित विकासखंड अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी लंबित आवास मामलों का तत्काल निस्तारण कराया जाए। उन्होंने सभी 623 आवासों का सत्यापन कराने का भी निर्देश दिया और चेतावनी दी कि इस कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
कॉन्वर्जेंस की प्रगति की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि जिन लाभार्थियों के शौचालय, विद्युत कनेक्शन तथा उज्ज्वला योजना के कार्य पूर्ण हो चुके हैं, उनका डेटा तुरंत अपडेट किया जाए। साथ ही, मनरेगा योजना के अंतर्गत आवास लाभार्थियों को दी जा रही मजदूरी की स्थिति की भी विस्तृत जानकारी ली गई।
आवास प्लस सर्वे की प्रगति की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि जिन व्यक्तियों को सर्वे में पात्र अथवा अपात्र घोषित किया गया है, उसकी जानकारी प्रत्येक ग्राम पंचायत में प्रधान के माध्यम से खुली बैठक कर सार्वजनिक रूप से पढ़कर सुनाई जाए। उन्होंने पारदर्शिता बनाए रखने के लिए यह भी स्पष्ट करने को कहा कि किन कारणों से किसी का नाम आवास सूची से हटाया गया है। बैठक में सीडीओ ओजस्वी राज, डीडीओ आनंद प्रकाश, सभी विकास खंड अधिकारी एवं अन्य अधिकारीगण उपस्थित रहे।