देवल संवाददाता,बलिया में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बुधवार को वाराणसी में एनएसयूआई कार्यकर्ताओं पर हुई कथित पुलिस बर्बरता के विरोध में प्रदर्शन किया। उन्होंने सिटी मजिस्ट्रेट आशाराम वर्मा को राज्यपाल को संबोधित एक ज्ञापन भी सौंपा।
कांग्रेस जिलाध्यक्ष उमाशंकर पाठक ने बताया कि 11 जनवरी को वाराणसी में एसआईआर, वोट चोरी और मनरेगा के नाम बदलने के विरोध में एनएसयूआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष वरुण चौधरी के नेतृत्व में कार्यकर्ता शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे थे। इस दौरान वाराणसी पुलिस ने एनएसयूआई कार्यकर्ताओं और वरुण चौधरी पर लाठीचार्ज किया और उन्हें हिरासत में ले लिया।
उमाशंकर पाठक ने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे राष्ट्रीय अध्यक्ष वरुण चौधरी और कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेना, लाठीचार्ज करना और प्रदर्शन में सम्मिलित कार्यकर्ताओं के घर जाकर बच्चों व महिलाओं को परेशान करना कहीं से भी लोकतंत्र के लिए हितकर नहीं है। उन्होंने राज्यपाल से मांग की कि दोषी पुलिसकर्मियों पर जांच कर उन्हें दंडित किया जाए, ताकि लोकतंत्र सुरक्षित रह सके।
एनएसयूआई के जिलाध्यक्ष हार्दिक पाण्डेय ने इस कार्रवाई को लोकतंत्र की हत्या करार दिया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में सभी को अपने अधिकारों के लिए विरोध प्रदर्शन करने का अधिकार है।
विरोध प्रदर्शन करने वालों में संतोष चौबे, सत्य प्रकाश मुन्ना उपाध्याय, विजय मिश्रा, सिद्धनाथ तिवारी, रूपेश चौबे, सागर सिंह राहुल, विवेक ओझा, विजेन्द्र पाण्डेय मुखिया, अबुल फैज़, राहुल, वसीम अंसारी, सुधांशु शर्मा, हरिओम पटेल, आदिल रहमान, सतीश पासवान, आदित्य राज पाण्डेय, विशाल पाठक, राजेन्द्र सिंह गामा, अरुण कुमार, लालबहादुर यादव, गिरीश कांत गांधी, राहुल चौबे, वंश बहादुर भारती, अमरनाथ राम, संग्राम तिवारी, अनुभव तिवारी गोलू, रितेश चौहान, जाकिर हुसैन सहित कई कार्यकर्ता शामिल रहे।