देवल, ब्यूरो चीफ,सोनभद्र। कालपी बार एसोसिएशन के अध्यक्ष गया दीन अहिरवार एडवोकेट के अपहरण के उपरांत उनकी नृशंस हत्या किए जाने की घटना पर संयुक्त अधिवक्ता महासंघ उत्तर प्रदेश ने गहरा शोक एवं आक्रोश व्यक्त किया है।
महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष राकेश शरण मिश्र ने इस जघन्य घटना की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए कहा कि यह केवल एक अधिवक्ता की हत्या नहीं है, बल्कि न्याय की आवाज को हमेशा के लिए खामोश करने का कायरतापूर्ण प्रयास है।
उन्होंने कहा कि अधिवक्ता समाज न्यायपालिका और लोकतांत्रिक व्यवस्था का महत्वपूर्ण स्तंभ है। अधिवक्ता समाज के कमजोर, पीड़ित एवं शोषित लोगों को न्याय दिलाने के लिए निरंतर संघर्ष करता है। यदि बार एसोसिएशन का निर्वाचित अध्यक्ष ही सुरक्षित नहीं है तो प्रदेश में अधिवक्ताओं की सुरक्षा की स्थिति का सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है।
श्री मिश्र ने उत्तर प्रदेश सरकार से मांग की कि—
1. अधिवक्ता गया दीन अहिरवार की हत्या में शामिल सभी दोषियों एवं षड्यंत्रकारियों को तत्काल गिरफ्तार किया जाए।
2. दोषियों के विरुद्ध कठोरतम कार्रवाई करते हुए विधिक आधार उपलब्ध होने पर राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (रासुका) लगाया जाए।
3. दिवंगत अधिवक्ता के परिवार को कम से कम एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाए।
4. परिवार के एक पात्र सदस्य को सरकारी नौकरी प्रदान की जाए।
5. उत्तर प्रदेश में अधिवक्ता सुरक्षा कानून (एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट) तत्काल प्रभाव से लागू किया जाए।
6. प्रदेश के सभी जनपदों में अधिवक्ताओं की सुरक्षा के लिए विशेष एवं प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि अधिवक्ताओं पर लगातार हो रहे हमले और हत्याएं पूरे अधिवक्ता समाज के लिए गंभीर चेतावनी हैं। अब केवल शोक व्यक्त करने और आश्वासन देने से काम नहीं चलेगा। सरकार को अधिवक्ताओं की सुरक्षा के लिए ठोस कानून एवं प्रभावी कार्रवाई करनी होगी।
उन्होंने प्रदेश के समस्त अधिवक्ता संगठनों एवं बार एसोसिएशनों से भी इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना के विरोध में एकजुट होकर आवाज उठाने की अपील की।
उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर न्याय की लड़ाई लड़ने वाले अधिवक्ताओं को न्याय कब मिलेगा? अधिवक्ता समाज कब तक असुरक्षा के साये में काम करने को मजबूर रहेगा?
संयुक्त अधिवक्ता महासंघ उत्तर प्रदेश दिवंगत अधिवक्ता गया दीन अहिरवार को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करता है और शोकाकुल परिवार के साथ पूरी संवेदना एवं एकजुटता व्यक्त करता है।
