अमेरिका में बसने की चाहत रखने वालों को टैक्स नियमों का पालन करना होगा। टैक्स नियमों का पालन ना करने का असर नागरिकता आवेदन पर दिख सकता है। इसको लेकर इमिग्रेशन वकीलों ने चेतावनी जारी की है।
USCIS का 'एडजस्टमेंट ऑफ स्टेटस' (ग्रीन कार्ड पाने की प्रक्रिया) को लेकर अपनाया गया सख्त और विवेकाधीन (discretionary) रवैया, आवेदकों और कुछ मामलों में उनके वित्तीय प्रायोजकों (financial sponsors) को और अधिक गहन जांच के दायरे में लाता है। टैक्स नियमों का पालन न करने का असर भविष्य में नागरिकता के आवेदनों पर भी पड़ सकता है।
अब इसमें बदलाव करते हुए इसे एक 'विवेकाधीन लाभ' माना जाएगा। इस नीति के तहत USCIS अधिकारियों को यह तय करने के लिए सकारात्मक और नकारात्मक दोनों पहलुओं पर विचार करना होगा कि क्या आवेदक को मंजूरी दी जानी चाहिए या नहीं।
वकीलों ने जारी की चेतावनी
इमिग्रेशन वकीलों ने इसको लेकर चेतावनी जारी की है। उन्होंने बताया कि टैक्स का भुगतान न करना, रिटर्न फाइल न करना, या यहां तक कि टैक्स चुकाने की तय योजना के तहत केवल आंशिक भुगतान करना भी, किसी अप्रवासी के ग्रीन कार्ड आवेदन को मुश्किल बना सकता है।
क्या होगा प्रभाव
इसके परिणाम परिवार-आधारित और रोजगार-आधारित ग्रीन कार्ड आवेदकों, तथा अपने रिश्तेदारों को प्रायोजित करने वाले अमेरिकी नागरिकों, सभी पर पड़ सकते हैं। न्यूयॉर्क स्थित इमिग्रेशन वकील, कैरिन वोलमैन का कहना है कि जो कोई भी AOS के लिए आवेदन करने की तैयारी कर रहा है उसे पहले अपने टैक्स रिकॉर्ड पर विशेष ध्यान देना होगा।
पॉलिसी मेमो में AOS को एक दुर्लभ 'विवेकाधीन लाभ' (discretionary benefit) के रूप में फिर से परिभाषित किया गया है, इसलिए USCIS अधिकारी अब उन मामलों को भी नियमित रूप से खारिज कर रहे हैं जिन्हें पहले स्वीकार कर लिया जाता था।
