कृष्ण, देवल ब्यूरो, अंबेडकर नगर ।मित्रता मे कोई जाति धर्म छोटा बड़ा नहीं होता सच्चा मित्र हर विपत्ति सुख दुःख में मित्र के साथ खड़ा हुआ मिलता है। भगवान श्री कृष्ण और सुदामा की मित्रता बड़ी नजीरहै उक्त बातें विकास खण्ड जहांगीरगंज अन्तर्गत ग्राम सुन्दर पुर खालसा में आयोजित सात दिवसीय संगीतमय श्रीमद् भागवत कथा के सातवें दिन श्री कृष्ण और सुदामा की मित्रता का वर्णन करते हुए व्यास पीठ आचार्य राकेश त्रिपाठी महाराज ने कही।भगवान श्री कृष्ण की लीलाओं और उनकी मनोहारी कथा सुनकर श्रद्धालु भाव विभोर हो गए। कथा के दौरान व्यास पीठ ने उपस्थित सभी भक्त श्रोताओं को शपथ दिलाई कि आज से हम सभी लोग अपने अन्दर की एक बुराई छोड़ने का संकल्प लेते हैं। कथा व्यास ने कहा कि सभी लोग आज से यदि एक बुराई छोड़ देंगे तो कथा कहना और सुनना सफल हो जायेगा। अन्तिम दिवस विदाई कार्यक्रम में मुख्य यजमान राम जनम गोस्वामी द्वारा व्यास पीठ से प्रवचन कर्ता आचार्य राकेश त्रिपाठी श्रीधाम अयोध्या का स्वागत सम्मान किया। सातवे दिन पूर्णाहुति की हवन और भव्य भंडारे का आयोजन हुआ जिसमें पवन तिवारी, विजय प्रकाश गोस्वामी, अखिलेश पाण्डे,बलराम गोस्वामी, जितेन्द्र सिंह, राम बहादुर गोस्वामी, पंकज तिवारी, त्रिलोकी गोस्वामी, धर्मेन्द्र तिवारी, सागर यादव, रामसूरत पाण्डे, राजमणि पाण्डे, जलसा गिरि, धर्मेन्द्र तिवारी दयाशंकर,सत्यप्रकाश, पप्पू, दयाराम, मेवालाल, राहुल, पारसनाथ गोस्वामी सहित बड़ी संख्या में महिला पुरुष श्रद्धालु उपस्थित रहे।
