देवल संवाददाता, आजमगढ़, 1 अक्टूबर। वोटर सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और मताधिकार से जुड़े मुद्दों को लेकर गुरुवार को आजमगढ़ में भाकपा, माकपा और भाकपा-माले के कार्यकर्ताओं ने विरोध मार्च निकाला। मार्च प्राइवेट बस स्टैंड नरौली से शुरू होकर जिला मुख्यालय पहुंचा, जहां सभा आयोजित की गई।
मार्च का नेतृत्व भाकपा-माले के वरिष्ठ नेता जयप्रकाश नारायण, भाकपा के जिला मंत्री जितेंद्र हरि पांडेय, माकपा जिला मंत्री रामबृक्ष मास्टर और भाकपा-माले के जिला प्रभारी विनोद सिंह ने किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे, SIR रद्द करने और गलत तरीके से मतदाता सूची से हटाए गए लोगों का मतदान का अधिकार बहाल करने की मांग को लेकर नारेबाजी की।
कलेक्ट्रेट पहुंचने के बाद मार्च सभा में तब्दील हो गया। वक्ताओं ने चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूची के पुनरीक्षण को लेकर अपनी आपत्तियां दर्ज कराईं। उन्होंने आरोप लगाया कि महाराष्ट्र, बिहार और पश्चिम बंगाल में चुनाव प्रक्रिया में अनियमितताओं के सवाल उठे हैं और इन मामलों की निष्पक्ष जांच की जरूरत है। भाकपा-माले ने भी हाल में SIR को लेकर चुनाव आयोग की प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए इसके निलंबन और मतदाताओं के अधिकारों की सुरक्षा की मांग की है।
प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रपति को संबोधित पांच सूत्रीय मांगपत्र अतिरिक्त मजिस्ट्रेट को सौंपा। इसमें मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे, SIR रद्द करने तथा मतदाता सूची से गलत तरीके से हटाए गए मतदाताओं का मतदान अधिकार बहाल करने समेत अन्य मांगें शामिल रहीं।
कार्यक्रम को जयप्रकाश नारायण, जितेंद्र हरि पांडेय, किसान नेता इम्तियाज बेग और रामबृक्ष मास्टर ने संबोधित किया। मार्च में रामाज्ञा यादव, हरिगेन राम, खरपत्तू राम, फूलचंद, फैजान, हरिओम, बसंत प्रजापति, सुदर्शन राम, जमुना प्रजापति, रामजीत प्रजापति, हरिश्चंद्र, शिवम गिरी, लालचंद निषाद, शेख मोहम्मद ओबेदुल्ला, दुर्बली राम, रामकृष्ण यादव, नखड़ू राजभर और रामनिहोर समेत बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल रहे।
