देवल, ब्यूरो चीफ,सोनभद्र। खड़िया परियोजना क्षेत्र में संचालित कलिंगा कंपनी की कार्यप्रणाली को लेकर शिकायत सामने आई है। श्रमिकों के भुगतान, कार्य अवधि, भर्ती प्रक्रिया, ठेका व्यवस्था तथा कबाड़ और डीजल से जुड़े कथित अनियमितताओं को लेकर सवाल उठाए गए हैं। जनसत्ता दल लोकतांत्रिक पार्टी के प्रदेश सचिव एवं मां करणी सेना के सोनेन्द्र सिंह रघुवंशी ने जिलाधिकारी और शासन-प्रशासन से मामले की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है। शिकायत में कंपनी के जीएम आलोक चंद्रा और लाइजनिंग कार्य से जुड़े अरविंद दुबे की भूमिका की भी जांच की मांग की गई है। हालांकि, शिकायत में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और संबंधित कंपनी अथवा आरोपित पक्ष का पक्ष सामने नहीं आया है।
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि कुछ श्रमिकों से महीने में 26 दिन तक काम कराने के बावजूद कथित तौर पर 22 दिनों का ही भुगतान किया गया। आरोप की वास्तविकता स्पष्ट करने के लिए उपस्थिति रजिस्टर, बायोमेट्रिक रिकॉर्ड, ड्यूटी रोस्टर, वेतन पर्ची, बैंक भुगतान विवरण, मजदूरी रजिस्टर और ठेकेदारों के बिलों का मिलान कराने की मांग की गई है। शिकायत में श्रमिकों से कथित तौर पर 12 घंटे तक काम लिए जाने का भी उल्लेख है। ऐसे में वास्तविक ड्यूटी अवधि, अतिरिक्त कार्य के भुगतान, साप्ताहिक अवकाश और अन्य वैधानिक प्रावधानों के अनुपालन की जांच की मांग की गई है। साथ ही श्रमिकों के वेतन, पीएफ, ईएसआई और अन्य वैधानिक सुविधाओं की भी पड़ताल कराने का आग्रह किया गया है। स्थानीय युवाओं की नियुक्तियों को लेकर भी शिकायत में सवाल उठाए गए हैं। भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता पर संदेह जताते हुए पूर्व में हुई नियुक्तियों के आवेदन, चयन सूची, योग्यता प्रमाणपत्र, नियुक्ति आदेश और ठेकेदारों की भूमिका की जांच कराने की मांग की गई है। शिकायतकर्ता ने कथित दलाली और अनुचित प्रभाव से संबंधित शिकायतों की भी जांच की मांग की है।
