कृष्ण, देवल ब्यूरो, अंबेडकर नगर ।"विद्यार्थियों के भीतर वैज्ञानिक दृष्टिकोण का विकास उनके स्वस्थ चिंतन और तार्किक शक्तियों के विकास में सहायक होता है।जिस निमित्त सचल विज्ञान प्रदर्शनियां महत्त्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।"ये उद्गार गांधी स्मारक इंटर कॉलेज,राजेसुल्तानपुर के प्रधानाचार्य डॉ.कप्तान सिंह ने व्यक्त किए।श्री सिंह आंचलिक विज्ञान नगरी,लखनऊ द्वारा विद्यालय में आयोजित दो दिवसीय विज्ञान प्रदर्शनी के शुभारंभ कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।
ज्ञातव्य है कि माध्यमिक शिक्षा विभाग,अंबेडकर नगर एवं राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस के संयुक्त तत्वावधान में जिले के चुनिंदा कुल आठ विद्यालयों में अध्ययनरत विद्यार्थियों के भीतर वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने के निमित्त दो - दो दिवसीय सचल विज्ञान प्रदर्शनी का आयोजन किया जा रहा है।जिसके क्रम में सम्प्रति यह प्रदर्शनी पांचवें विद्यालय में आयोजित की जा रही है।
प्रदर्शनी के प्रथम दिन आज आंचलिक विज्ञान नगरी,लखनऊ के विशेषज्ञों द्वारा पृष्ठ तनाव,वायुदाब,घर्षण,उत्प्लावनबल,अम्ल - क्षार आदि विषयों पर प्रयोग प्रदर्शन करते हुए विभिन्न विषयों को वैज्ञानिक तरीके से समझाने का पुरजोर प्रयास किया गया।
इस अवसर पर प्रदर्शनी के प्रभारी प्रेम तिवारी ने बताया कि कल बस में लगे बीस मॉडलों के माध्यम से विद्यार्थियों को विभिन्न प्रकार की घटनाओं को कारण सहित समझाया जाएगा।
आज प्रदर्शनी के प्रथम सत्र को डॉ.उदयराज मिश्र,राजेश मिश्र,अमरनाथ पांडेय,सुधीर शुक्ल,पंकज कुमार,मलखान सिंह सहित अनेक विद्वानों ने संबोधित करते हुए विद्यार्थियों को ध्यानपूर्वक देखने और सुनने का आग्रह किया।
