भीटी, भियांव एवं टांडा में विकास योजनाओं की प्रगति, स्वास्थ्य, शिक्षा, पोषण एवं आधारभूत सुविधाओं का लिया जायजा
कृष्ण, देवल ब्यूरो, अंबेडकर नगर ।शासन के निर्देशों के क्रम में जनपद के आकांक्षी विकास खंडों में निर्धारित विकास संकेतकों की प्रगति का स्थलीय सत्यापन एवं योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की समीक्षा की गई। शासन द्वारा नामित नोडल अधिकारियों ने जनपद के आकांक्षी विकास खंडों यथा भीटी, भियांव एवं टांडा विकास खंडों की विभिन्न ग्राम पंचायतों का भ्रमण कर शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं एवं विकास कार्यों की जमीनी स्थिति का जायजा लिया।
भीटी विकास खंड के लिए नामित संजीव सिंह, निदेशक, समाज कल्याण एवं प्रबंध निदेशक, भियांव विकास खंड के लिए अभिषेक सिंह द्वितीय, विशेष सचिव, व्यावसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास विभाग तथा टांडा विकास खंड के लिए टी.के. शिबू, विशेष सचिव, कृषि उत्पादन आयुक्त शाखा द्वारा संबंधित विकास खंडों के विभिन्न ग्राम पंचायतों का स्थलीय निरीक्षण किया गया।
निरीक्षण के दौरान नोडल अधिकारियों द्वारा आंगनबाड़ी केंद्रों, विद्यालयों, स्वास्थ्य सुविधाओं, रिसोर्स रिकवरी सेंटर (RRC), स्वयं सहायता समूह केंद्र सहित विभिन्न विकास कार्यों का अवलोकन किया गया। अधिकारियों ने योजनाओं से लाभान्वित पात्र व्यक्तियों एवं ग्रामीणों से संवाद कर उन्हें प्राप्त हो रहे लाभ तथा स्थानीय स्तर पर उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी ली। साथ ही स्वास्थ्य एवं पोषण, शिक्षा, कृषि एवं संबद्ध सेवाओं, आधारभूत अवसंरचना तथा सामाजिक विकास से संबंधित निर्धारित संकेतकों की प्रगति का स्थलीय सत्यापन किया गया।
इसके उपरांत संबंधित विकास खंडों में अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर Block Development Strategy (BDS) के अंतर्गत निर्धारित 50 इंडिकेटर्स की प्रगति, विभागों द्वारा किए जा रहे प्रयासों तथा Actionable Points के निस्तारण की स्थिति की समीक्षा की गई। नोडल अधिकारियों ने ग्राम स्तर पर सामने आई कमियों को चिन्हित करते हुए उनके प्राथमिकता के आधार पर त्वरित निराकरण तथा सभी निर्धारित पैरामीटर्स में अपेक्षित सुधार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए
सर्किट हाउस में जनपद स्तरीय समीक्षा बैठक
स्थलीय निरीक्षण के उपरांत नोडल अधिकारीगण की अध्यक्षता में मुख्य विकास अधिकारी वैभव मिश्रा की उपस्थिति में सर्किट हाउस सभागार में आकांक्षी विकास खंडों—भीटी, भियांव एवं टांडा—की जनपद स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में 50 इंडिकेटर्स के अंतर्गत हेल्थ एवं न्यूट्रिशन के 17, एजुकेशन के 17, एग्रीकल्चर एवं एलाइड सर्विसेज के 05, बेसिक इंफ्रास्ट्रक्चर के 05 तथा सोशल डेवलपमेंट के 06 इंडिकेटर्स की बिंदुवार समीक्षा की गई।
नोडल अधिकारियों ने कहा कि प्रदेश सरकार का उद्देश्य सामाजिक एवं आर्थिक रूप से पिछड़े विकास खंडों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ते हुए उन्हें राज्य के औसत से ऊपर लाना है। आकांक्षी विकास खंडों के समग्र विकास के लिए संचालित यह कार्यक्रम शासन की प्राथमिकताओं में शामिल है तथा इसकी उच्च स्तर पर नियमित समीक्षा की जाती है।
उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि वास्तविक एवं अद्यतन आंकड़ों के आधार पर योजनाओं की समीक्षा करते हुए उनके धरातलीय प्रभाव को और बेहतर बनाया जाए। प्रत्येक पात्र एवं जरूरतमंद व्यक्ति तक शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना सुनिश्चित किया जाए तथा विकास कार्यों में गुणवत्ता एवं गति पर विशेष ध्यान दिया जाए।
नोडल अधिकारियों द्वारा संबंधित विकास खंड मुख्यालयों पर भी सभी निर्धारित इंडिकेटर्स की गहन समीक्षा कर विभागीय अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
बैठक में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. प्रमोद कुमार, परियोजना निदेशक डीआरडीए, डीसी एनआरएलएम, उप निदेशक कृषि, जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी, जिला कार्यक्रम अधिकारी, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी, संबंधित खंड विकास अधिकारी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
