कृष्ण, देवल ब्यूरो, अंबेडकर नगर ।आकांक्षात्मक ब्लॉकों में भेजी गई एएनएम की तैनाती का मामला अब खुलेआम प्रशासनिक लापरवाही और कथित गड़बड़ी का रूप ले चुका है। कुल 53 एएनएम में से 19 को स्वास्थ्य उपकेंद्रों पर तैनात करने के महज कुछ दिन बाद ही वापस लौटा दिया गया। लौटाई गई एएनएम अब खुलकर बोल रही हैं और तैनाती के दौरान धन उगाही के आरोप लगा रही हैं। स्टेनो की बर्खास्तगी के बाद विभागीय कामकाज पर भी सवाल खड़े हो गए हैं। पूरी जांच सीडीओ खुद कर रहे हैं।टांडा, भीटी और भियांव आकांक्षात्मक ब्लॉकों में अन्य जनपदों से नियमित संवर्ग की 53 एएनएम स्थानांतरित कर लाई गईं। खाली पड़े स्वास्थ्य उपकेंद्रों पर इन्हें तैनात किया गया। लेकिन इनमें से 19 एएनएम को ऐसे अधूरे केंद्रों पर भेज दिया गया, जिनका निर्माण तो पूरा हो चुका है, पर विभाग को अभी तक हस्तांतरित नहीं हुए हैं। नतीजा यह हुआ कि इन एएनएम को वेतन तक नहीं मिल पा रहा था। मजबूरी में उन्हें वापस भेजना पड़ा।इसी बीच तैनाती में वसूली के गंभीर आरोप भी सामने आए हैं। सीएमओ डॉ. प्रमोद कुमार ने इन आरोपों को पूरी तरह झूठा और निराधार बताते हुए खारिज कर दिया है। लेकिन लौटी एएनएम और विभाग की कार्यशैली दोनों ही सवालों के घेरे में हैं।
तैनाती के बाद 19 एएनएम वापस भेजीं, वसूली के आरोपों पर सीडीओ जांच में जुटे
अक्टूबर 11, 2026
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