देवल संवाददाता, मऊ। जिलाधिकारी आनंद वर्द्धन ने आज निर्वाचक नामावली के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण कार्यक्रम के संबंध में मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर भारत निर्वाचन आयोग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों से अवगत कराया। बैठक के दौरान उन्होंने कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान किसी कारणवश मतदाता सूची में नाम दर्ज होने से छूट गए पात्र नागरिकों को चिन्हित कर सत्यापन के उपरांत उनका नाम निर्वाचक नामावली में सम्मिलित किया जाएगा। इसके लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा,जिसमें राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों एवं बूथ लेवल एजेंट (बीएलए) का सहयोग अत्यंत महत्वपूर्ण है।जिलाधिकारी ने बताया कि ऐसे मतदाता,जिन्हें बूथ लेवल अधिकारियों द्वारा अनुपस्थित, स्थानांतरित,मृतक अथवा डुप्लीकेट श्रेणी में चिह्नित किया गया था,उनकी वर्तमान स्थिति जानने के लिए घर-घर जाकर सत्यापन किया जाएगा। भौतिक सत्यापन के दौरान पात्र पाए जाने वाले ऐसे व्यक्तियों,जिनका नाम मतदाता सूची में दर्ज नहीं है, उनका नाम फॉर्म-6 के माध्यम से निर्वाचक नामावली में सम्मिलित किया जाएगा। विशेष गहन पुनरीक्षण से पूर्व निर्वाचक नामावली में नाम दर्ज होने के बावजूद पुनरीक्षण के पश्चात नाम छूट जाने वाले मतदाताओं को भी चिह्नित कर सत्यापन के उपरांत पुनः मतदाता सूची में शामिल किया जाएगा।उन्होंने बताया कि इस अभियान के अंतर्गत 17 एवं 24 अक्टूबर को प्रत्येक बूथ पर विशेष कैंप आयोजित किए जाएंगे। इन कैंपों में बूथ लेवल अधिकारी प्रातः 8 बजे से सायं 6 बजे तक उपस्थित रहकर पात्र नागरिकों का फॉर्म-6 भरवाने सहित आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करेंगे। इसके अतिरिक्त बूथ लेवल अधिकारियों द्वारा घर-घर भ्रमण कर छूटे हुए मतदाताओं तथा पहली बार मतदाता बनने वाले युवाओं का फॉर्म-6 भरवाया जाएगा।
जिलाधिकारी ने कहा कि रात्रि आश्रय स्थलों,लेबर कॉलोनियों तथा आश्रयहीन एवं मुख्यधारा से पृथक व्यक्तियों को मतदाता सूची में सम्मिलित करने के लिए भी विशेष कैंप आयोजित किए जाएंगे,ताकि कोई भी पात्र नागरिक मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने से वंचित न रहे। उन्होंने विशेष रूप से उन महिलाओं का फॉर्म-6 भरवाने पर जोर दिया,जो विवाह के उपरांत जनपद में आई हैं,साथ ही उन युवाओं को भी मतदाता सूची में शामिल कराने की अपील की, जो 18 वर्ष की आयु पूर्ण कर रहे हैं।
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को अवगत कराया कि विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान नए मतदाताओं के लिए वर्ष 2003 की मतदाता सूची से संबंधित जो बाध्यता थी,उसे समाप्त कर दिया गया है। अब कोई भी पात्र व्यक्ति निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार फॉर्म-6 भरकर अपना नाम मतदाता सूची में सम्मिलित करा सकता है।उन्होंने सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों से अपील की कि वे अपने बूथ लेवल एजेंटों को सक्रिय करें तथा बूथ लेवल अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित कर इस अभियान को सफल बनाने में सहयोग प्रदान करें। विशेष रूप से 17 एवं 24 अक्टूबर को ऐसे पात्र नागरिकों को बूथ तक लाने में सहयोग करें, जिनका नाम मतदाता सूची में दर्ज नहीं है,ताकि उनका फॉर्म-6 भरवाकर नाम मतदाता सूची में सम्मिलित कराया जा सके। उन्होंने कहा कि भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों के अनुरूप इस अभियान का उद्देश्य प्रत्येक पात्र नागरिक को मतदाता सूची में शामिल करने का अवसर प्रदान करना है।बैठक में भारतीय जनता पार्टी, समाजवादी पार्टी,आम आदमी पार्टी,कम्युनिस्ट पार्टी,कांग्रेस सहित अन्य राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि,अपर जिलाधिकारी प्रवेंद्र कुमार तथा समस्त उप जिलाधिकारी उपस्थित रहे।
