देवल संवाददाता, मऊ। मुख्य विकास अधिकारी विवेक कुमार श्रीवास्तव की अध्यक्षता में विकास भवन सभागार में जिला गंगा समिति,जिला पर्यावरण समिति एवं आर्द्रभूमि समिति की मासिक समीक्षा बैठक संपन्न हुई। बैठक में नदियों को प्रदूषण से मुक्त रखने,ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन,वृक्षारोपण, जैविक खेती तथा स्वच्छता से संबंधित कार्यों की विभागवार समीक्षा की गई।बैठक के दौरान प्रभागीय वनाधिकारी (डीएफओ) द्वारा जनपद में विभिन्न विभागों द्वारा कराए गए वृक्षारोपण की जियो-टैगिंग की प्रगति से मुख्य विकास अधिकारी को अवगत कराया गया। माध्यमिक शिक्षा विभाग द्वारा जियो-टैगिंग की प्रगति संतोषजनक न पाए जाने पर मुख्य विकास अधिकारी ने नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधित अधिकारियों को एक सप्ताह के अंदर शत-प्रतिशत जियो-टैगिंग पूर्ण कराने के निर्देश दिए।मुख्य विकास अधिकारी ने सभी संबंधित विभागाध्यक्षों को निर्देशित किया कि वर्ष 2026-27 के वृक्षारोपण कार्य हेतु अनिवार्य रूप से पूर्णता प्रमाण पत्र वन विभाग को उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। उन्होंने वृक्षारोपण के साथ-साथ लगाए गए पौधों की सुरक्षा एवं नियमित देखभाल पर भी विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।बैठक में जनपद में प्रवाहित तमसा,सरयू एवं अन्य नदियों को प्रदूषण से बचाने,धार्मिक आयोजनों के उपरांत मूर्तियों के नदी में सीधे विसर्जन को रोकने तथा इसके लिए कृत्रिम जलाशयों/विसर्जन कुंडों की व्यवस्था करने पर भी चर्चा की गई। नदियों में ठोस एवं द्रव्य पदार्थों का प्रवाह रोकने,नालों के उचित प्रबंधन तथा स्वच्छता व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।इसके अलावा सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) के निर्माण,नदियों के किनारे जैविक खेती को बढ़ावा देने,नदी तटों पर भूमि अतिक्रमण की स्थिति,ग्राम पंचायतों में ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन,प्लास्टिक एवं बायोमेडिकल व इलेक्ट्रॉनिक वेस्ट के उचित निस्तारण आदि की भी समीक्षा की गई।मुख्य विकास अधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी कार्यों को निर्धारित समयसीमा में गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण कराते हुए प्रगति रिपोर्ट उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। साथ ही राज्य स्वच्छ गंगा मिशन के अंतर्गत 17 सितंबर से 02 अक्टूबर 2026 तक तमसा नदी के समीप स्थित विद्यालयों एवं महाविद्यालयों में स्वच्छता ही सेवा अभियान तथा 02 अक्टूबर से 31 अक्टूबर 2026 तक घाघरा नदी क्षेत्र के समीप विशेष स्वच्छता अभियान संचालित किए जाने के संबंध में भी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।बैठक में संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे तथा मुख्य विकास अधिकारी द्वारा विभागवार निर्धारित कार्यों के प्रभावी एवं समयबद्ध क्रियान्वयन के निर्देश दिए गए।
