बीमारियों से बचाव और पैदावार बढ़ाने पर जोर
मेले में उपस्थित कृषि विशेषज्ञों एवं अधिकारियों ने किसानों को गन्ने की फसल को नुकसान पहुंचाने वाले कीट-पतंगों, लाल सड़न (रेड रॉट) और अन्य प्रमुख बीमारियों के लक्षण तथा उनसे बचाव के प्रभावी वैज्ञानिक उपायों के बारे में विस्तार से जागरूक किया। इसके साथ ही, कम लागत में गन्ने की पैदावार बढ़ाने, उन्नत किस्म के बीजों के चयन, संतुलित उर्वरक प्रबंधन और आधुनिक सिंचाई तकनीकों (जैसे ड्रिप इरिगेशन) के उपयोग पर विशेष जानकारी दी गई।
किसानों की समस्याओं का मौके पर होगा समाधान
कार्यक्रम के दौरान ज्येष्ठ गन्ना अधिकारी लालचंद प्रसाद ने बताया कि यह सात दिवसीय मेला पूरी तरह से किसानों को समर्पित है। उन्होंने कहा कि किसान भाई मेले में आकर गन्ने की खेती से जुड़ी अपनी किसी भी प्रकार की समस्या, पर्ची संबंधी प्रश्न या फसल से संबंधित शिकायत अधिकारियों के सामने निसंकोच रख सकते हैं, जिसका प्राथमिकता के आधार पर त्वरित समाधान किया जाएगा।
मेले में दर्जनों किसान रहे मौजूद
किसान मेले के दौरान क्षेत्र के अनेक गणमान्य नागरिक और प्रगतिशील किसान उपस्थित रहे। इस मौके पर मुख्य रूप से दिनेश सिंह, चंद्रजीत तिवारी, अरविन्द सिंह, प्रेमसागर पाण्डेय और रामचेत यादव समेत भारी संख्या में स्थानीय किसान मौजूद रहे। मेले को लेकर क्षेत्र के गन्ना किसानों में काफी उत्साह देखने को मिल रहा है।
