कृष्ण, देवल ब्यूरो, अंबेडकर नगर ।अम्बेडकरनगर जनपद मुख्यालय से महज करीब 5 किलोमीटर दूर डीएम आवास के पास स्थित बाजार क्षेत्र में अवैध गांजा की खुलेआम बिक्री होने का गंभीर आरोप लगा है। स्थानीय लोगों और सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे दावों के अनुसार यह गतिविधि बिना किसी भय के चल रही है।गत माह सोशल मीडिया पर ऐसे कई वीडियो वायरल हुए थे जिनमें विभिन्न स्थानों पर गांजा की खुली बिक्री दिखाई गई थी। उन वीडियो के बाद भी अगर मुख्यालय के इतने करीब और जिलाधिकारी आवास के आसपास के बाजार में यह धंधा जारी है तो सवाल स्वाभाविक रूप से उठते हैं—यह पुलिस विभाग की लापरवाही है या आबकारी विभाग की अनदेखी?स्थानीय नागरिकों का कहना है कि दिन के उजाले में भी इस तरह की गतिविधि होना प्रशासन की नाकामी को दर्शाता है। नशे के इस कारोबार से युवा पीढ़ी प्रभावित हो रही है और क्षेत्र में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर सवाल खड़े हो रहे हैं। गांजा जैसी अवैध वस्तु की खुली बिक्री न केवल एनडीपीएस एक्ट का उल्लंघन है बल्कि समाज के लिए गंभीर खतरा भी है।उल्लेखनीय है कि उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों में भांग की वैध दुकानों की आड़ में या खुले बाजार में गांजा बिक्री के मामले समय-समय पर सामने आते रहते हैं। कई जगहों पर वायरल वीडियो के बाद पुलिस और आबकारी विभाग सक्रिय हुए हैं, लेकिन कुछ मामलों में कार्रवाई देर से हुई या शिकायतों पर पर्याप्त संज्ञान नहीं लिया गया।इस मामले में भी अगर दावे सही हैं तो डीएम आवास के इतने करीब होने के बावजूद प्रशासन को इसकी जानकारी क्यों नहीं हुई? पुलिस गश्त, आबकारी छापे और स्थानीय खुफिया तंत्र कहां चूक गए? ये सवाल अब प्रशासन को जवाब देने होंगे।जिला प्रशासन, पुलिस और आबकारी विभाग को तुरंत इस क्षेत्र की जांच करनी चाहिए। वायरल दावों और स्थानीय शिकायतों के आधार पर छापेमारी, दोषियों की पहचान और कानूनी कार्रवाई जरूरी है। साथ ही ऐसे संवेदनशील क्षेत्रों में नियमित निगरानी बढ़ाई जानी चाहिए ताकि नशे का यह काला कारोबार जड़ से खत्म हो।
नशा मुक्त समाज के लिए सिर्फ कानून बनाना काफी नहीं, उसका सख्ती से पालन कराना भी उतना ही जरूरी है। अगर उच्च अधिकारी आवास के बगल में भी अवैध बिक्री हो रही है तो आम जनता का प्रशासन पर भरोसा कैसे कायम रहेगा?
