देवल, ब्यूरो चीफ,सोनभद्र। रावर्ट्सगंज के स्वामी विवेकानंद प्रेक्षागृह गृह में महात्मा फुले फाउंडेशन के बैनर तले अमर शहीद क्रांतिकारी नेता भारत लेनिन के नाम से मशहूर बाबू जगदेव प्रसाद की 153वीं शहादत दिवस अधिकार दिवस के रूप में सुमंत सिंह मौर्य की अध्यक्षता में संपन्न हुआ ।
कार्यक्रम का शुभारंभ बाबू जगदेव प्रसाद के चित्र पर माल्यार्पण कर पुष्प अर्पित करते हुए दीप प्रज्वलित कर मुख्य अतिथिद्वय सांसद छोटेलाल सिंह खरवार एवं जन अधिकार पार्टी के राष्ट्रीय संगठन मंत्री पटेल विजय नारायण वर्मा ने किया, इस दौरान उपस्थित जनों ने बाबा साहब का सपना ही जगदेव तुम्हारा नारा है, 100 में 90 शोषित हैं, शोषितो ने ललकारा है, धन धरती और राज पाट में 90 भाग हमारा है ! जैसे नारो के साथ जोरदार आगाज किया ।
शहादत दिवस कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि सांसद छोटेलाल सिंह खरवार ने कहा कि बाबू जगदेव प्रसाद जी का संघर्ष सिर्फ सत्ता परिवर्तन का नहीं था, उनका संघर्ष सत्ता परिवर्तन के साथ ही व्यवस्था परिवर्तन का था बाबू जगदेव प्रसाद भारत के गरीबों पिछड़ों के लिए पूंजीवाद और साम्यवाद दोनों को खतरनाक मानते थे और समता मूलक समाज स्थापना के लिए समाजवादी विचारधारा को स्थापित करना चाहते थे, उन्होंने जमीदारों द्वारा लागू की गई पंचकठिया प्रथा के सख्त विरोधी थे और अपने अदम्य साहस और पुरुषार्थ से इसको बंद कराए थे उन्होंने भारतीय समाज की व्याख्या दो भागों में किया एक शोषक समाज जिनकी संख्या देश में 10% है, और दूसरा शोषित समाज जिनकी संख्या 90% है, 10 वाले 90 पर राज कर रहे हैं इसलिए उन्होंने कहा कि 10 का शासन 90 पर नहीं चलेगा, नहीं चलेगा । आज हम लोग शहादत दिवस को अधिकार दिवस के रूप में मना रहे हैं तो हमें अपने अधिकार पाने के लिए बिना रुके, बिना झुके, बिना टूटे, बिना बंटे अनवरत संघर्ष करना होगा यही एकमात्र शोषितों के लिए रास्ता है ।
मुख्य अतिथि पटेल विजय नारायण वर्मा राष्ट्रीय संगठन मंत्री जन अधिकार पार्टी ने कहा कि जिस प्रकार से जो काम दक्षिण में पेरियार ई० वी० रामास्वामी नायकर, महाराष्ट्र में ज्योतिबाराव फुले व सावित्रीबाई फुले और बाबा साहब डॉ भीमराव अंबेडकर ने किया वही काम बिहार और उत्तर प्रदेश में बाबू जगदेव प्रसाद जी समता मूलक समाज की स्थापना और मानववाद की ऐसी स्थापना चाहते थे जिसमें ना कोई ऊंच हो और ना कोई नीच हो बाबू जगदेव आडंबर और पाखंड के भी पुरजोर विरोधी थे इसलिए उन्होंने अर्जक संघ की स्थापना कर लोगों को अंधविश्वास व पाखण्ड, अंधश्रद्धा से बाहर निकलने का अभियान चलाकर हक हिस्सेदारी प्राप्त करने के लिए संघर्ष करने को प्रेरित किया क्योंकि वह कहा करते थे कि समझौते से शासको को फायदा होता है जबकि संघर्ष से शोषितों का भला होता है इसलिए उठो लड़ो और जमीन धन दौलत की तर्ज पर सत्ता हड़पों तभी तुम्हारा भला हो सकेगा क्योंकि सत्ता से ही अपनी बिगड़ी बना सकते हो। और यह काम वर्तमान में सिर्फ पढ़ा के लोग कर रहे हैं यदि हमें अपनी बिगड़ी बनानी है तो पीडीए के लोगों की एकजुटता के साथ खड़ा होना होगा ।
अतिविशिष्ट अतिथि डॉक्टर लोकपति सिंह पटेल ने कहा कि तथागत बुद्ध ने कहा था कि अपना दीपक स्वयं बनो इसलिए हम सब का भला दूसरा कोई नहीं कर सकता है हमें खुद अपने हक अधिकार के लिए आगे आना होगा।
अंत में कार्यक्रम आयोजन डॉ0 भागीरथी सिंह मौर्य संयोजक आदित्य मौर्य एवं अध्यक्षता कर रहे सुमंत सिंह मौर्य ने आए हुए सभी सम्मानित अतिथियों व उपस्थित जनों का स्वागत, अभिनंदन व खैरमकदम करते हुए सभी का आभार प्रकट किया तथा मुख्य अतिथि द्वय अति विशिष्ट अतिथि मुख्य वक्ता गण को माल्यार्पण एवं अंगवस्त्रम भेंट कर सम्मानित करते हुए कहा कि आज हम सब जिस महापुरुष के शहादत दिवस पर इकट्ठा हुए हैं यहां से एक संकल्प लेकर हम सभी को जाना है कि हम महापुरुषों के संघर्षों के पथ पर आगे बढ़ेंगे और उनके सपनों को संघर्षों के दम पर मंजिल तक पहुंचाने का पूरा प्रयास करेंगे।
शहादत दिवस कार्यक्रम में मुख्य रूप से किशोरी सिंह, अनिल कुशवाहा एड, रामचन्द्र मौर्य, लालबहादुर पाल, शाहनवाज खान, दयाशंकर निषाद,पिन्टूलाल कुशवाहा, रामराज बिन्द, रामबृक्ष एड, रामनारायण प्रजापति, चन्द्रमा सिंह, श्रीपति विश्वकर्मा, रानी सिंह, कुसुम मौर्य, आरती मौर्य, अनिता मौर्य ex zps, इंदू मौर्य, हीरावती पासवान, कलावती भारती, सीमित्री बियार, अवनीश सिंह कुशवाहा, मंगला प्रसाद मौर्य, शिवानन्द मौर्य, विवेक पटेल सहित सैकड़ो लोग मौजूद रहे।
