देवल संवाददाता, लालगंज, आजमगढ़ तहसील लालगंज में सोमवार दोपहर उस समय अफरा-तफरी मच गई जब तालाब की भूमि का अवैध रूप से पट्टा होने की सूचना पर अधिवक्ता और ग्रामीण पट्टा बाबू के कार्यालय पहुंच गए। जानकारी के अनुसार अधिवक्ता विनय कुमार सिंह, गीता सरोज, प्रमोद कुमार दुबे, अवधेश कुमार राय भाजपा मंडल उपाध्यक्ष लालगंज सहित मोहनपुर पटवास गांव के कई ग्रामीण तालाब की फाइल का मुआयना करने तहसील पहुंचे थे। जब ग्रामीणों ने बाबू से फाइल मांगी तो बाबू ने बताया कि फाइल तहसीलदार साहब के आवास पर है। यह सुनते ही गीता सरोज व प्रमोद कुमार दुबे नाराज हो गए और आरोप लगाया कि तहसीलदार व बाबू मिलकर फर्जी तरीके से तालाब का पट्टा कर दिए हैं। बताते-बताते देखते ही देखते पट्टा बाबू के कार्यालय में अधिवक्ताओं और वादकारियों की भारी भीड़ लग गई। हंगामे की सूचना पर लालगंज पुलिस चौकी से पुलिस बुलाई गई, लेकिन तब तक मामला शांत हो चुका था।मोहनपुर पटवास निवासिनी गीता सरोज ने बताया कि जिस तालाब पर लालगंज के सांसद द्वारा लगभग बीस वर्षों से कब्जा किया गया है, उस पर उन्होंने आवेदन देकर पचासों बीघा अवैध भूमि कब्जे का आरोप लगाया था। इस मामले में एसडीएम लालगंज व तहसीलदार द्वारा जांच अभी पूरी नहीं की गई है और जांच चल रही है। गीता सरोज ने मोहनपुर पटवास के तालाब की भूमि पर अपत्ती लगाई थी। आरोप लगाया कि नीलामी के दिन तहसीलदार ने कहा था कि विवादित भूमि की नीलामी नहीं होगी, जबकि चोरी-छिपे मत्स्यजीवी सहकारी समिति लिमिटेड पन्दहा, मेहनगर, आजमगढ़ के नाम से पट्टा कर दिया गया। उन्होंने तहसील प्रशासन पर राजस्व को हानि पहुंचाने का भी आरोप लगाया। कहा कि तालाब खाते की कुल भूमि 7.798 हेक्टेयर है, जबकि तहसील प्रशासन द्वारा नीलामी के लिए केवल 4.798 हेक्टेयर भूमि का ही गजट कराया गया है। इससे स्पष्ट है कि शेष भूमि को बचाकर अवैध रूप से कब्जा कराया जा रहा है और सरकार को राजस्व की हानि हो रही है। ग्रामीणों ने इस पूरे मामले की जिलाधिकारी से निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है।
