देवल संवाददाता लालगंज (आजमगढ़) स्थानीय विकास खंड के मई गांव स्थित आत्म अनुसंधान आश्रम परिसर के जया -विजया प्रासाद में शनिवार को परम पूज्य बाबा विशाल भारत जी 61 वे अवतरण दिवस पर एक विचार गोष्ठी आयोजित की गयी। परम पूज्य बाबा विशाल भारत जी ने विचार गोष्ठी को सम्बोधित करते हुए अपने आर्शीवचन मे कहा कि मै अपने अवतरण दिवस के पर्व पर अपने जन्मदायिनी माता- पिता को प्रणाम करता हूं क्यों कि यह उनका अधिकार है तथा मेरा धर्म व कर्तब्य है। राजराजेश्वरी मणि द्वीपेश्वरी को प्रणाम करता हूं। जो मेरे प्रणाम की अधिकारी है। मै एक साधारण व्यक्ति हूं। मेरे जीवन के 60 वर्ष पूर्ण हो गये। विद्या व ज्ञान ही आपकी अच्छी हितैसी व मित्र है। मेरे साथ पहला बंधन यह कि मै शरीर मे हू। दूसरा उसके साथ मन मिल गया मेरे द्वारा जो भी कर्म कृति किये गये। वे सब विवशता मे किये गये इसका कारण मेरा बंधन मे होना रहा। यह विवशता तभी समाप्त होगी। जब शरीर से प्राण अलग होगा। मै तो आत्मा का वाहक या कैरियर हूं। जिसके प्रारब्ध या कर्म फल को भूगत रहा हूं। मेरे जीवन में पांच पडाव आते हैं पहला पड़ाव जिस परिवार में जन्म हुआ। ढाई तीन- वर्ष की उम्र मे एक आश्रम मे पहुंचा दिया गया। उस आश्रम मे जाने के लिए रहने के लिए बच्चा कहा से जिम्मेदार है। मेरा बाल्य काल, शैशवा काल व किशोरा काल आश्राम मे बीता जिसके बाद गाजीपुर जिला के दिलदार नगर मे छः सात वर्ष बीता ऐसे ही जीवन आगे बढता गया। शरीर का सबसे सर्वोत्तम अंग मन है । तो सबसे निक्रिस्टतम मन ही है। कोई ऐसा नहीं हुआ जो मन रूपी शिला से फिसला न हो। जब से ही जागो भाई तभी से सवेरा। आप कोरोना काल मे रोज मरते हुए व्यक्तियो को देखते थे. फिर भी आज तक आपको यह विश्वास नहीं हो पाया कि आप भी मरेंगे। आप यह भी देख रहे हैं कि किसी के साथ धन नहीं जाता। फिर भी धन संग्रह में लगे हुए हैं। आप सभी सपना देखना के आदती हो गए है। भारत के राजनेताओं तथा साधुओ के द्वारा सपनों को बेचा जा रहा है। व्यावहारिक धरातल पर आइए। कल्याण नाम की कोई चीज होगी तो वह धरती का विनाश होगा। बचपन में पढा था कि अच्छे का परिणाम अच्छा आता होता है। लेकिन मेरे व्यक्तिगत जीवन मे हर अच्छे का परिणाम खराब आया। यह आश्रम तो मेरे चलते जाना जाना चाहिए अब उल्टा हो गया। आज धरती पर इसी तरह उल्टा हो रहा है। कार्यक्रम को देवेन्द्र लिंह, बी एन सिंह, सतीश चन्द्र तिवारी, आलोक सिंह, राहुल सिंह तहसीलदार सिंह, संजय सिंह, प्रवीण सिंह सहित अन्य लोगो ने सम्बोधित किया । गोष्ठी देर रात्रि तक चली। जिसके बाद श्रध्दालुओ ने परिसर मे स्थापित महातत्वामिका राजराजेश्वरी मणी दीपेश्वरी जी, मां महाकाली जी, मां महालक्ष्मी जी, मां महासरस्वती जी, गोरक्षनाथ जी अधोरेश्वर महाप्रभु जी, कुण्ड मे बने मदिर मां भगवती जी की आरती, पूजन व परिक्रमा कर श्रध्दालुओ ने मनोकामना पूर्ण होने की कामना किया। इस अवसर पर तरूण सिंह गुड्डू, दिवाकर राय, आचार्य सर्वेश कुमार, धनन्जय उर्फ धन्जू, सन्तोष कुमार पाठक, राजेन्द्र सिंह खन्ना, नीरज सिंह, शरद सिंह, दिनेश तिवाल, त्रिभुवन सिंह झुन्ना, बलवन्त सिंह, कृष्ण मुरारी, रमेश विश्वकर्मा सहित अन्य भक्तगण उपस्थित रहे। आरती के उपरांत देर रात्रि भक्तों को प्रसाद वितरित किया गया। विचार गोष्ठी कार्यक्रम का शुभारंभ कैलाश नाथ तिवारी ने मंगलाचरण से किया। संचालन पूर्व प्रधानाचार्य रामनयन सिंह ने किया।
बाबा विशाल भारत के 61वे दिवस पर विचार गोष्टी जीवन- मृत्यु और ज्ञान पर रखे विचार
सितंबर 27, 2026
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