नेपाल में आई फ्लैश फ्लड से मची भीषण तबाही में मृतकों की संख्या बढ़कर 1,344 तक पहुंच गई है, जबकि 5 हजार से अधिक लोग अब भी लापता हैं। नेपाल पुलिस और बचाव दल प्रभावित क्षेत्रों से लगातार शव बरामद कर रहे हैं।
नेपाल पुलिस के अनुसार, बचाव दल लगभग 5,000 लोगों की तलाश कर रहे हैं, जिनमें कम से कम 589 विदेशी नागरिक शामिल हैं, जो अभी भी लापता हैं, जबकि 13,100 से ज्यादा लोगों को बचाया जा चुका है।
26 अगस्त को मची आई थी त्रासदी
ज्ञात हो कि 26 अगस्त को नेपाल-तिब्बत सीमा के पास बर्फ और चट्टान के खिसकने से आई अचानक बाढ़ ने उत्तरी और मध्य नेपाल के कस्बों और गांवों को तबाह कर दिया। हिमालयी सीमा क्षेत्र से दक्षिण की ओर बहने वाली भोटेकोशी नदी बाढ़ का पानी निचले इलाकों में ले गई, जिससे घर, गाड़ियां, सड़कें और पुल बह गए और पनबिजली परियोजनाएं क्षतिग्रस्त हो गईं।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि कास्की जिले में निर्माणाधीन 24MW सुपर सेती पनबिजली परियोजना की पहुंच सड़क पर भूस्खलन में गंभीर रूप से घायल हुए दो श्रमिकों की शनिवार को इलाज के दौरान मौत हो गई।
तिब्बत में 500 से ज्यादा लोग लापता
चीनी मीडिया की खबरों के अनुसार, इस आपदा में चीन की तरफ कम से कम 21 लोगों की मौत हुई, जबकि तिब्बत में 500 से ज्यादा लोग लापता हैं। अधिकारियों ने बताया कि नेपाल में अब तक मिले कुल शवों में से 85 बच्चे थे, जबकि 501 शवों के कुछ अंग गायब थे।
अकेले चितवन में 360 शव मिले, जो सभी जिलों में सबसे ज्यादा हैं। अधिकारियों के अनुसार, पहचान के बाद अब तक केवल 98 शव ही परिवारों को सौंपे गए हैं।
शव की पहचान न होने से बढ़ रहीं मुश्किलें
नेपाल के अस्पतालों को बिना पहचान वाले शवों की बढ़ती संख्या से निपटने में मुश्किलों का सामना करना पड़ा। मेडिकल सेंटरों पर लोगों की भारी भीड़ जमा होती रही, वे लापता रिश्तेदारों की तस्वीरें लिए हुए थे और दीवारों पर लगी मृतकों की तस्वीरों को ध्यान से देख रहे थे।
