देवल, ब्यूरो चीफ,सोनभद्र। जिले में जले ट्रांसफार्मरों को समय से नहीं बदले जाने की शिकायत पर शनिवार की देर शाम को सदर विधायक भूपेश चौबे ने विद्युत विभाग के अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर कड़ी नाराजगी जताई। वह छपका पावर हाउस स्थित ट्रांसफार्मर मरम्मत कारखाने का जायजा लेने पहुंचे। निरीक्षण के दौरान सामने आया कि 131 ट्रांसफार्मर मरम्मत के लिए पेंडिंग हैं। विधायक ने कारखाने में रखे ट्रांसफार्मरों की स्थिति देखी और मरम्मत की रफ्तार पर अधिकारियों से जवाब मांगा।
विधायक ने अधिकारियों से सवाल किया कि जब ट्रांसफार्मर मरम्मत का मटेरियल उपलब्ध है और कारखाने में पूरी व्यवस्था है तो फिर काम में देरी क्यों हो रही है। अधिकारियों ने बताया कि बारिश के दौरान बिजली गिरने से बड़ी संख्या में ट्रांसफार्मर जले हैं। विधायक ने कहा कि ट्रांसफार्मरों का अधिक संख्या में जलना अपनी जगह है, लेकिन संसाधन और व्यवस्था उपलब्ध होने के बावजूद 131 ट्रांसफार्मरों का पेंडिंग रहना गंभीर लापरवाही है।
एई वर्कशॉप सुधीर मल्ल ने बताया कि मरम्मत कार्य में मैनपावर की कमी के कारण स्थिति बनी है। मैनपावर बढ़ाने के लिए ठेकेदार को कहा गया है। यदि ठेकेदार मैनपावर नहीं बढ़ाता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
कोन, नगवां, घोरावल समेत विभिन्न क्षेत्रों में ट्रांसफार्मर जलने से ग्रामीण विद्युत संकट से जूझ रहे हैं। इस पर विधायक ने अधिकारियों को सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि जनता को बिजली के लिए परेशान करने वाली लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं होगी। उन्होंने दो टूक कहा कि नौकरी करनी है तो तरीके से करो, नहीं तो अंजाम भुगतने के लिए तैयार रहो। उन्होंने लापरवाही करने वाले अधिकारियों की भूसा छुड़ाने तक की बात कही।
विधायक ने निर्देश दिया कि मरम्मत कार्य में तत्काल तेजी लाई जाए और तैयार ट्रांसफार्मरों को बिना देरी प्रभावित क्षेत्रों में भेजा जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनता की परेशानी के लिए जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी और काम में ढिलाई मिली तो कार्रवाई से कोई नहीं बचेगा। इस मौके पर माला चौबे, अनूप तिवारी, धीरज केशरी आदि कार्यकर्ता मौजूद थे।
