कृष्ण, देवल ब्यूरो, अंबेडकर नगर ।शिक्षा विभाग द्वारा जनपद में 12 विद्यालय भवनों की स्वीकृति मिली है। इनमें से 9 भवनों का निर्माण कार्य पहले ही शुरू हो चुका है। हालांकि टांडा क्षेत्र के तीन विद्यालयों में प्रस्तावित भवन निर्माण का काम अभी तक प्रारंभ नहीं हो सका है।सूत्रों और स्थानीय जानकारी के अनुसार, इन तीन विद्यालयों में देरी के पीछे स्थानीय हितों के साथ-साथ अधिकारियों द्वारा अपने पसंदीदा ठेकेदार से कार्य करवाने का दबाव बनाने की शिकायतें सामने आई हैं। भवन निर्माण की पूरी जिम्मेदारी संबंधित विद्यालय के प्रधानाचार्य/प्रधानाध्यापक की होती है। वे नियमानुसार किसी भी योग्य व्यक्ति या एजेंसी से कार्य करवा सकते हैं। फिर भी कुछ पक्षों द्वारा ठेकेदार थोपने का दबाव बनाए जाने की बात कही जा रही है।मीडिया कर्मियों द्वारा पूछे जाने पर एबीएसए द्वारा दोबारा अपने ठेकेदार से कार्य करवाने का दबाव बनाने और यहां तक कि बीएसए का दबाव बताए जाने की जानकारी मिली है। संबंधित वार्तालाप का ऑडियो मीडिया कर्मी के पास उपलब्ध होने की बात कही जा रही है। इतना ही नहीं, ठेकेदार द्वारा विद्यालय परिसर और परिसर के बाहर कुछ सामान जबरन गिरवाए जाने की शिकायत भी सामने आई है, जबकि कार्य करवाने की जिम्मेदारी प्रधानाध्यापक की है।ऐसी स्थिति में प्रधानाध्यापक भी दबाव में बताए जा रहे हैं। उनका कहना है कि कार्य अधिकारियों के दबाव में होगा, जिम्मेदारी हमारी होगी और किसी भी प्रकार की कमी होने पर कार्यवाही हम पर की जाएगी। मामला यहीं तक सीमित नहीं रहा।जानकारी के अनुसार यह मामला शिक्षा निदेशालय तक पहुंच गया है। सोमवार को जिलाधिकारी के पास इसकी शिकायत पहुंचने की संभावना है।शिक्षा विभाग की मंजूरी के बावजूद टांडा क्षेत्र के इन विद्यालयों में कार्य शुरू न होने से स्थानीय स्तर पर सवाल उठ रहे हैं। अधिकारी और संबंधित प्रधानाचार्य से इस देरी के कारणों की जांच की मांग की जा रही है, ताकि स्वीकृत भवन जल्द बन सकें और छात्रों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।मीडिया स्रोत की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उनकी पहचान गोपनीय रखी गई है।
