एक तरफ जहां विपक्ष नीट पेपर लीक को लेकर हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान छात्रों पर हिंसक कार्रवाई, राम मंदिर चंदा चोरी का मुद्दा उठा रहा है तो वहीं सत्ता पक्ष झारखंड में छात्रों पर लाठीचार्ज को लेकर विपक्ष पर हमलावर है। ऐसे में संसद परिसर में अजीब नजारा देखने को मिला।
संसद भवन के मुख्य द्वारों में से एक मकर द्वार के ठीक बाहर पक्ष और विपक्ष दोनों तरफ के सांसद विरोध प्रदर्शन करते नजर आए और एक-दूसरे के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। विपक्ष की दो मांगें हैं। पहली, गृह मंत्री अमित शाह संसद में आकर दिल्ली में प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस की कार्रवाई के बारे में स्पष्टीकरण दें और दूसरी, अयोध्या में राम मंदिर के लिए मिले चंदे में कथित हेराफेरी पर चर्चा हो।
राहुल गांधी पर दोहरे मापदंड का आरोप
इसके जवाब में विरोध प्रदर्शन करते हुए सत्ताधारी पार्टी के सांसदों ने राहुल गांधी पर चर्चा से भागने और दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाया। ये आरोप तब लगा जब झारखंड में पुलिस ने प्रदर्शनकारी छात्रों पर लाठीचार्ज किया। राज्य में कांग्रेस हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाली सरकार में सहयोगी पार्टी है।
एनडीए सांसदों का यह विरोध प्रदर्शन सरकार द्वारा अमित शाह को छात्रों के विरोध-प्रदर्शन पर संसद को संबोधित करने की पेशकश करने के एक दिन बाद हुआ है। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा था कि गृह मंत्री विपक्ष के सवालों का जवाब देने के लिए तैयार हैं, बशर्ते सदन की कार्यवाही बिना किसी रुकावट के चलने दी जाए।
राहुल गांधी ने क्या कहा?
इस पर लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा कि विपक्ष शाह की राय सुनने में दिलचस्पी नहीं रखता है और बस यह जानना चाहता है कि पुलिस की कार्रवाई के पीछे कौन था।
हंगामे की भेंट चढ़ी संसद की कार्यवाही
सदन में लगातार हंगामे और कई दिनों तक कामकाज न हो पाने के कारण लोकसभा की कार्यवाही स्थगित है। मानसून सत्र के आखिरी हफ्ते में स्पीकर ओम बिरला ने कहा, "सरकार ने कहा है कि गृह मंत्री जवाब देने के लिए तैयार हैं। सरकार आपकी मुख्य मांग मान गई है और दूसरे मुद्दों पर भी चर्चा होगी। कृपया सहयोग करें।"
बीजेपी सांसदों ने प्रियंका गाधी को देख लगाए नारे
जब प्रियंका गांधी संसद पहुंचीं तो बीजेपी सांसद मुकेश दलाल कांग्रेस नेता के खिलाफ "शर्म करो, शर्म करो, राहुल गांधी, शर्म करो।" के नारे लगाने शुरू कर दिए। इस पर प्रियंका गांधी मुस्कुराते हुए उनके पास से गुजरते हुए प्रदर्शन कर रहे बीजेपी सांसद से कहती हैं, "राहुल गांधी झारखंड में प्रदर्शन कर रहे छात्रों से पहले ही मिल चुके हैं।"
बैनरों पर लिखा था, "झारखंड में छात्रों पर लाठीचार्ज पर राहुल गांधी जवाब दें।"
कांग्रेस सांसद ने झारखंड में छात्र आंदोलनों से राहुल गांधी को जोड़ने की भाजपा की कोशिशों को भी खारिज कर दिया और कहा कि जिम्मेदारी उन लोगों की है जो संबंधित अधिकार क्षेत्र में संवैधानिक पद पर हैं।
समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने सरकार पर चर्चा से बचने का आरोप लगाया और झारखंड में इस बात पर जोर दिया कि बातचीत ही आगे बढ़ने का एकमात्र रास्ता है।
