आमिर, देवल ब्यूरो ,जौनपुर। अमर शहीद उमानाथ सिंह जिला चिकित्सालय परिसर में राजकीय होम्योपैथिक अस्पताल तक पहुंचना इन दिनों मरीजों और तीमारदारों के लिए किसी चुनौती से कम नहीं है। अस्पताल तक जाने वाले रास्ते पर टूटे पाइप से लगातार पानी फैलने के कारण जलभराव की स्थिति बनी हुई है। पानी और कीचड़ के बीच से होकर मरीजों को अस्पताल तक पहुंचना पड़ रहा है। इससे बुजुर्गों, महिलाओं और गंभीर हालत में आने वाले मरीजों को विशेष परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
जिला अस्पताल जैसे महत्वपूर्ण चिकित्सा संस्थान में जहां मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं और स्वच्छ वातावरण उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी है, वहीं परिसर में अव्यवस्था का आलम लोगों के लिए परेशानी का सबब बना हुआ है। टूटे पाइप से निकल रहा पानी रास्ते पर जमा होने के कारण जगह-जगह कीचड़ फैल गया है। पैदल आने-जाने वाले मरीजों को फिसलने का खतरा बना रहता है। कई मरीज किसी तरह रास्ता पार कर अस्पताल तक पहुंचने को मजबूर हैं।
कूड़े के ढेर ने खोली सफाई व्यवस्था की पोल
राजकीय होम्योपैथिक अस्पताल के सामने बिखरा कूड़े का अंबार भी सफाई व्यवस्था पर सवाल खड़ा कर रहा है। सड़क किनारे और आसपास जमा कूड़े से दुर्गंध फैलने के साथ ही संक्रमण का खतरा भी बना हुआ है। उपचार कराने आने वाले मरीजों को अस्पताल के मुख्य हिस्से तक पहुंचने से पहले ही गंदगी और अव्यवस्था का सामना करना पड़ रहा है।
मरीजों और तीमारदारों का कहना है कि अस्पताल परिसर में प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग इलाज के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में रास्ते में जलभराव और कूड़े का जमा होना स्वास्थ्य के लिहाज से भी गंभीर समस्या है। बारिश के दिनों में स्थिति और खराब हो जाती है तथा पानी और कीचड़ के कारण आवागमन मुश्किल हो जाता है।
इलाज के लिए आने वालों को बीमारी के साथ गंदगी से भी जूझना पड़ रहा
सबसे अधिक परेशानी उन मरीजों को हो रही है जो चलने-फिरने में असमर्थ हैं या जिन्हें सहारे की जरूरत होती है। तीमारदारों को उन्हें संभालकर कीचड़ भरे रास्ते से अस्पताल तक ले जाना पड़ रहा है। लोगों का कहना है कि अस्पताल में उपचार और स्वास्थ्य सेवाओं के लिए आने वाले मरीजों को कम से कम स्वच्छ और सुरक्षित रास्ता मिलना चाहिए।
स्थानीय लोगों ने संबंधित अधिकारियों से टूटे पाइप की तत्काल मरम्मत कराने, जलभराव समाप्त करने, रास्ते की सफाई कराने और अस्पताल के सामने जमा कूड़े को हटवाने की मांग की है। लोगों का कहना है कि जिला अस्पताल जैसे प्रमुख स्वास्थ्य केंद्र में इस तरह की अव्यवस्था लंबे समय तक बनी रहना व्यवस्था की गंभीर लापरवाही को दर्शाता है। अब देखना यह है कि जिम्मेदार विभाग मरीजों की परेशानी को कितनी गंभीरता से लेते हैं और कब तक इस समस्या का समाधान कराया जाता है।
