‘संस्थान के मूल्यों को आत्मसात करना और जीवन को सफल बनाना ही उच्च शिक्षा का मूल उद्देश्य’
देवल संवाददाता, अहरौला आजमगढ़ अहरौला राजकीय महिला महाविद्यालय, अहिरौला में नवप्रवेशित छात्राओं के लिए दीक्षारम्भ कार्यक्रम का आयोजन प्राचार्य प्रो. महेन्द्र प्रकाश की अध्यक्षता में किया गया। जिसमें बीए, बीएससी, बीकॉम पाठ्यक्रम के प्रथम वर्ष में प्रवेश प्राप्त कर लेने वाली छात्राओं को महाविद्यालय की अकादमिक गतिविधियों और शिक्षा सुविधाओं से अवगत कराया गया। इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राध्यापकों में डॉ. राकेश कुमार यादव, डॉ. प्रज्ञानन्द प्रजापति, डॉ. दिलीप कुमार वर्मा और डॉ. जमालुद्दीन अहमद ने छात्राओं को संबोधित करते हुए महाविद्यालय के शैक्षणिक अनुशासन, पठन-पाठन के स्तर और उपलब्ध संसाधनों की विस्तृत जानकारी दी। प्राध्यापकों ने बताया कि पीएम-उच्चतर शिक्षा अभियान के तहत नये भवन का जारी निर्माण, ऑडियो विजुअल लैब, उच्चीकृत कम्प्यूटर लैब, डिजिटल सेमिनार हाल, आने वाले समय में दिव्यांग सुविधा के अंतर्गत लिफ्ट की उपलब्धता और तीस किलोवाट क्षमता का सोलर पैनल की सुविधा का उपयोग छात्रायें शीघ्र कर सकेंगी। प्राध्यापकों ने कहा कि छात्रायें अपनी पूरी लगन और निष्ठा के साथ अध्ययन करें और उच्च शिक्षा प्राप्ति के साथ-साथ कौशल विकास हेतु इस राजकीय महाविद्यालय में उपलब्ध सुविधा का लाभ लें। अपने अध्यक्षीय सम्बोधन में प्राचार्य ने उच्च शिक्षा हेतु महाविद्यालय में संचालित शासकीय योजनाओं की रूपरेखा से सभी को अवगत कराते हुये कहा कि केवल प्रवेश प्राप्त कर लेना उपलब्धता नहीं है, बल्कि संस्थान के मूल्यों को आत्मसात करना और जीवन को सफल बनाना ही उच्च शिक्षा का मूल उद्देश्य होना चाहिए। नवप्रवेशित छात्राओं में खुशबू निषाद, आँचल भारती, खुशी दूबे, अनुष्का पाण्डेय, रानी दूबे, पुष्पा, प्राची यादव, तनु दूबे और मानसी चौबे ने मंच के माध्यम से बताया कि उन्होंने महाविद्यालय की उच्च शैक्षणिक गुणवत्ता से प्रभावित होकर प्रवेश लिया है। इस अवसर पर महाविद्यालय की वरिष्ठ कार्यालय सहायक अदिति सिंह, कर्मचारीगण शोभनाथ, आशा, संतोष व हरेन्द्र के साथ समेत छात्रायें उपस्थित रहीं।