देवल संवाददाता, लखनऊ।बहुजन समाज पार्टी (बसपा) प्रमुख मायावती ने संत रविदास नगर का नाम बहाल किए जाने का स्वागत करते हुए उत्तर प्रदेश सरकार से अन्य जिलों के भी पुराने नाम बहाल करने की मांग की है। शुक्रवार को सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर किए गए पोस्ट में उन्होंने कहा कि बसपा सरकार ने प्रशासनिक व्यवस्था मजबूत करने और जनहित को ध्यान में रखते हुए कई नए जिले बनाए थे, जिनका नाम संतों, महापुरुषों और समाज सुधारकों के नाम पर रखा गया था।
मायावती ने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी की सरकार ने जातिवादी सोच और संकीर्ण राजनीति के चलते संत रविदास नगर, छत्रपति शाहूजी महाराज नगर, भीमनगर और अन्य जिलों के नाम बदल दिए थे। उन्होंने कहा कि अब संत रविदास नगर का नाम बहाल होने के बाद सरकार को मान्यवर कांशीराम और अन्य महापुरुषों के नाम पर बनाए गए जिलों के मूल नाम भी पुनः बहाल करने चाहिए।
बसपा प्रमुख ने विशेष रूप से कासगंज का उल्लेख करते हुए कहा कि इसे बसपा सरकार ने मान्यवर कांशीराम के नाम पर जिला बनाया था, जिसका नाम बाद में बदल दिया गया। उन्होंने मांग की कि मान्यवर कांशीराम के परिनिर्वाण दिवस 9 अक्टूबर से पहले या उसी दिन उनके नाम पर बने जिले का मूल नाम बहाल किया जाए। मायावती ने कहा कि ऐसा होने पर बसपा सरकार की आभारी रहेगी।
