विपक्षी नेताओं की गिरफ्तारी को बताया लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत
देवल, ब्यूरो चीफ,सोनभद्र। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव, कांग्रेस नेता राहुल गांधी समेत अन्य विपक्षी नेताओं को हिरासत में लिए जाने के विरोध में गत बुधवार की देर शाम नगर के स्वर्ण जयंती चौक पर सपा और कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने संयुक्त रूप से विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान दोनों दलों के कार्यकर्ताओं ने भाजपा सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए विपक्षी नेताओं को तत्काल रिहा करने की मांग उठायी। देर रात तक चले प्रदर्शन के दौरान क्षेत्र का राजनीतिक माहौल गर्म रहा।
सपा जिलाध्यक्ष राम निहोर यादव ने कहा कि जनता के मुद्दों को लेकर शांतिपूर्ण ढंग से आंदोलन कर रहे विपक्षी नेताओं को हिरासत में लेना लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में असहमति और विरोध की आवाज का सम्मान होना चाहिए, न कि उसे दबाने का प्रयास किया जाना चाहिए। कांग्रेस जिलाध्यक्ष रामराज सिंह गौड़ ने कहा कि शिक्षा और युवाओं से जुड़े मुद्दों को लेकर विपक्ष लगातार आवाज उठा रहा है। शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर किए जा रहे शांतिपूर्ण प्रदर्शन के दौरान विपक्षी नेताओं को हिरासत में लिया जाना निंदनीय है। उन्होंने राहुल गांधी, अखिलेश यादव सहित सभी नेताओं की तत्काल रिहाई की मांग की। सपा के राष्ट्रीय सचिव एवं पूर्व विधायक अविनाश कुशवाहा ने कहा कि जनता से जुड़े मुद्दों को उठाने वाले नेताओं को हिरासत में लेना दुर्भाग्यपूर्ण है। सरकार को लोकतांत्रिक तरीके से उठाई जा रही मांगों पर विचार करना चाहिए, न कि विपक्ष की आवाज को दबाने का प्रयास करना चाहिए। मौके पर सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष श्याम बिहारी यादव, विजय यादव, अनिल प्रधान, फरीद खान, डॉ. लोकपति सिंह पटेल, सुनील गौड़, रमेश, परमेश्वर यादव, त्रिपुरारी गौड़, अशोक पटेल, डॉ. केडी सिंह पटेल, सरदार परब्रह्म सिंह, हिदायत उल्ला खान, गीता गौड़ सहित समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के कई पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।
