देवल संवाददाता, जौनपुर। जिले में हर घर तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाने के उद्देश्य से संचालित जल जीवन मिशन की परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी सैमुअल पाल एन. ने अधिकारियों और कार्यदायी संस्थाओं को स्पष्ट निर्देश दिया कि कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि सभी परियोजनाएं निर्धारित समय सीमा के भीतर गुणवत्ता के साथ पूरी कराई जाएं, ताकि ग्रामीणों को शीघ्र शुद्ध पेयजल की सुविधा मिल सके।
गुरुवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी ने विभिन्न ग्राम पंचायतों में चल रहे ओवरहेड टैंक निर्माण, पाइपलाइन बिछाने, घरेलू नल कनेक्शन, जलापूर्ति व्यवस्था तथा रोड रेस्टोरेशन के कार्यों की विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि जहां भी पाइपलाइन बिछाने के कारण सड़कें क्षतिग्रस्त हुई हैं, वहां प्राथमिकता के आधार पर मरम्मत कराई जाए और निर्माण स्थल की साफ-सफाई भी सुनिश्चित की जाए, जिससे आमजन को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
डीएम ने परियोजनाओं में आ रही भूमि संबंधी समस्याओं और विद्युत आपूर्ति जैसी बाधाओं का संबंधित विभागों के आपसी समन्वय से शीघ्र समाधान कराने के निर्देश दिए। जिन योजनाओं की प्रगति अपेक्षाकृत धीमी है, वहां अतिरिक्त श्रमिक, मशीनरी और अन्य संसाधन उपलब्ध कराकर कार्य में तेजी लाने पर जोर दिया।
उन्होंने अधिशासी अभियंता जल निगम (ग्रामीण) एवं संबंधित कार्यदायी संस्थाओं को निर्देशित किया कि सभी परियोजनाओं की नियमित निगरानी की जाए, स्थलीय निरीक्षण बढ़ाया जाए तथा पेयजल आपूर्ति से जुड़ी शिकायतों का त्वरित और प्रभावी निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।
बैठक में जिलाधिकारी ने यह भी निर्देश दिया कि पेयजल परियोजनाओं की पाइपलाइन को क्षति पहुंचाने वाली संस्थाओं और एजेंसियों के विरुद्ध नियमानुसार नोटिस जारी किए जाएं। साथ ही ‘जल सारथी’ मोबाइल ऐप का व्यापक प्रचार-प्रसार कर ग्रामीणों को इसे डाउनलोड करने, योजनाओं की जानकारी प्राप्त करने तथा शिकायत दर्ज कराने के लिए जागरूक किया जाए।
समीक्षा बैठक में मुख्य विकास अधिकारी ध्रुव खाड़िया, जिला विकास अधिकारी मीनाक्षी देवी, अधिशासी अभियंता जल निगम (ग्रामीण) सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं विभिन्न कार्यदायी संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
