देवल संवाददाता, मऊ। उत्तर प्रदेश मत्स्यजीवी सहकारी संघ लिमिटेड के माननीय सभापति वीरू साहनी की अध्यक्षता में विकास भवन सभागार में मत्स्यजीवी सहकारी समितियों के शुद्धिकरण एवं जनपद में मत्स्य विकास को गति प्रदान करने के उद्देश्य से बैठक आयोजित की गई। बैठक में मत्स्य विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई तथा मत्स्य पालन को रोजगार एवं आय का सशक्त माध्यम बनाने पर बल दिया गया।बैठक को संबोधित करते हुए सहायक निदेशक मत्स्य डॉ. विनोद कुमार वर्मा ने बताया कि केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा मत्स्य पालन को प्रोत्साहित करने के लिए अनेक जनकल्याणकारी योजनाएं संचालित की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि इन योजनाओं का उद्देश्य मत्स्य पालकों की आय में वृद्धि करना,आधुनिक तकनीकों को बढ़ावा देना तथा ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर सृजित करना है।उन्होंने प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना एवं मुख्यमंत्री मत्स्य संपदा योजना के अंतर्गत उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी देते हुए बताया कि ग्राम सभा अथवा अन्य विभागों के पट्टे पर आवंटित तालाबों में मत्स्य पालन के लिए निवेश को बढ़ावा देने हेतु विशेष प्रावधान किए गए हैं। इसके अतिरिक्त निषादराज बोर्ड सब्सिडी योजना,सघन मत्स्य पालन के लिए एरेशन सिस्टम की स्थापना,मत्स्य पालक कल्याण कोष,मछुआ दुर्घटना बीमा योजना,किसान क्रेडिट कार्ड योजना तथा मत्स्यजीवी सहकारी समितियों के गठन एवं संचालन से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां भी विस्तार से साझा की गईं।डॉ. वर्मा ने बताया कि जनपद में वर्तमान समय में कुल 10 मत्स्यजीवी सहकारी समितियां पंजीकृत हैं,जिनके माध्यम से मत्स्य पालकों को विभिन्न योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराया जा रहा है।बैठक के दौरान माननीय सभापति वीरू साहनी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनपद के विभिन्न क्षेत्रों में विशेष जागरूकता शिविर आयोजित कर मत्स्य पालकों एवं आमजन को विभागीय योजनाओं की जानकारी दी जाए,ताकि अधिक से अधिक पात्र लाभार्थी सरकार की योजनाओं से जुड़कर उनका लाभ प्राप्त कर सकें। उन्होंने कहा कि योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित किया जाए तथा पात्र लाभार्थियों को आवेदन एवं स्वीकृति प्रक्रिया में हरसंभव सहायता प्रदान की जाए।बैठक में मत्स्यजीवी सहकारी समितियों के सदस्यों ने अपनी समस्याएं भी रखीं। उन्होंने बताया कि कई समितियों के तालाबों का पट्टा दो वर्ष पूर्व स्वीकृत होने के बावजूद तहसील स्तर पर रजिस्ट्री की प्रक्रिया लंबित है,जिसके कारण वे विभागीय योजनाओं का लाभ प्राप्त करने से वंचित हैं। इस पर माननीय सभापति ने संबंधित अधिकारियों को प्रकरणों का शीघ्र निस्तारण कर पात्र मत्स्य पालकों को योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
बैठक में उपजिलाधिकारी,मत्स्य विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी तथा जनपद की विभिन्न मत्स्यजीवी सहकारी समितियों के पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे।
