देवल संवाददाता, मऊ। मुख्य विकास अधिकारी भूजल सप्ताह के अंतर्गत जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट), इमिलिया सभागार में सघन जल संचयन,संरक्षण एवं जन-जागरूकता गोष्ठी/कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य भूजल संरक्षण के प्रति आमजन में जागरूकता उत्पन्न करना तथा जल के विवेकपूर्ण उपयोग का संदेश जन-जन तक पहुँचाना रहा।कार्यक्रम के शुभारंभ अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी विवेक कुमार श्रीवास्तव ने विकास भवन परिसर से हरी झंडी दिखाकर भूजल सप्ताह जन-संदेश यात्रा को रवाना किया। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण केवल सरकारी दायित्व नहीं,बल्कि प्रत्येक नागरिक की नैतिक जिम्मेदारी है। वर्षा जल संचयन,भूजल पुनर्भरण, वृक्षारोपण तथा जल के विवेकपूर्ण उपयोग को जन-आंदोलन का स्वरूप देकर ही भविष्य की पीढ़ियों के लिए जल संसाधनों को सुरक्षित रखा जा सकता है।गोष्ठी में विशेषज्ञों द्वारा सघन जल संचयन,भूजल संरक्षण,पर्यावरण संतुलन,वृक्षारोपण तथा जल संसाधनों के वैज्ञानिक एवं सतत उपयोग पर विस्तार से जानकारी दी गई। साथ ही उपस्थित अधिकारियों,शिक्षकों एवं प्रतिभागियों को भूजल संरक्षण की शपथ दिलाई गई तथा दैनिक जीवन में जल बचाने के प्रभावी उपाय अपनाने का आह्वान किया गया।भूजल सप्ताह के दौरान आयोजित चित्रकला प्रतियोगिता के विजेता विद्यार्थियों को मुख्य विकास अधिकारी द्वारा सम्मानित किया गया। प्रतियोगिता में कु. आकांक्षा मौर्या (कक्षा-10) ने प्रथम,कु. पायल (कक्षा-10) ने द्वितीय तथा शुभम विश्वकर्मा (कक्षा-12) ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।कार्यक्रम में उपायुक्त श्रम एवं रोजगार,अधिशासी अभियंता जल निगम,उप निदेशक (कृषि), कृषि वैज्ञानिक,जिला कृषि अधिकारी,भूमि संरक्षण अधिकारी (कृषि),जिला समन्वयक माध्यमिक शिक्षा, डीपीएमयू जल निगम,सहायक अभियंता लघु सिंचाई सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं शिक्षकगण उपस्थित रहे।कार्यक्रम के अंत में जल संरक्षण को जन-जन का अभियान बनाने तथा प्राकृतिक जल स्रोतों के संरक्षण हेतु सभी से सक्रिय सहभागिता का आह्वान किया गया।
