गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, रोजगारपरक पाठ्यक्रमों और आधुनिक शैक्षणिक वातावरण के कारण बढ़ा विद्यार्थियों का आकर्षण- कुलपति प्रो. संजीव कुमार
देवल संवाददाता, आजमगढ़, 4 जून। पूर्वांचल क्षेत्र में उच्च शिक्षा के एक उभरते केंद्र के रूप में अपनी पहचान स्थापित कर रहे महाराजा सुहेलदेव विश्वविद्यालय, आजमगढ़ में शैक्षणिक सत्र 2026-27 की प्रवेश प्रक्रिया को लेकर विद्यार्थियों में अभूतपूर्व उत्साह देखने को मिल रहा है। विश्वविद्यालय के विभिन्न स्नातक, स्नातकोत्तर एवं व्यावसायिक पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए बड़ी संख्या में आवेदन प्राप्त हो रहे हैं। विशेष रूप से बी.ए.-एलएल.बी., बी.बी.ए., बी.सी.ए., एलएल.एम. तथा एम.एससी. प्राणि विज्ञान जैसे रोजगारपरक और व्यावसायिक पाठ्यक्रमों में विद्यार्थियों की रुचि रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है। विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार इन पाठ्यक्रमों में उपलब्ध सीटों की तुलना में लगभग तीन गुना आवेदन प्राप्त हुए हैं, जो संस्थान की बढ़ती शैक्षणिक प्रतिष्ठा और विद्यार्थियों के विश्वास को दर्शाता है।
विद्यार्थियों की बढ़ती संख्या और विभिन्न बोर्डों के परीक्षा परिणामों में हुए विलंब को ध्यान में रखते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन ने छात्र हित में महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। कुलपति प्रो. संजीव कुमार की अध्यक्षता में आयोजित प्रवेश समिति की बैठक में विश्वविद्यालय परिसर एवं संबद्ध महाविद्यालयों में प्रवेश की अंतिम तिथि को बढ़ाकर 20 जून 2026 करने का निर्णय लिया गया। इस निर्णय से उन हजारों विद्यार्थियों को लाभमिलेगा जो हाल ही में इंटरमीडिएट अथवा स्नातक परीक्षा परिणाम घोषित होने के बाद प्रवेश की प्रक्रिया में शामिल होना चाहते हैं।
विश्वविद्यालय प्रशासन का मानना है कि किसी भी छात्र-छात्रा को केवल समयाभाव अथवा तकनीकी कारणों से उच्च शिक्षा के अवसर से वंचित नहीं होना चाहिए। इसी उद्देश्य से प्रवेश प्रक्रिया को अधिक सरल, पारदर्शी और छात्र हितैषी बनाया गया है। समर्थ पोर्टल के माध्यम से पूरी प्रवेश प्रक्रिया ऑनलाइन संचालित की जा रही है, जिससे दूर-दराज के क्षेत्रों के विद्यार्थियों को भी आवेदन करने में सुविधा मिल रही है। उक्त के अतिरिक्त वि.वि. परिसर में एक हेल्प डेस्क भी स्थापित की गयी है, जिन छात्रों को कोई भी समस्या आ रही हो वह वि.वि. कैंपस पहुंचकर अपना आवेदन कर सकते हैं।
विविध पाठ्यक्रमों के कारण बढ़ा आकर्षण
महाराजा सुहेलदेव विश्वविद्यालय में पारंपरिक एवं रोजगारपरक शिक्षा का संतुलित समावेश किया गया है। विश्वविद्यालय में स्नातक स्तर पर बी.ए., बी.एससी. (गणित वर्ग), बी.एससी. (जीव विज्ञान वर्ग), बी.कॉम., बी.बी.ए. तथा बी.सी.ए. जैसे पाठ्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। वहीं स्नातकोत्तर स्तर पर एम.ए. हिन्दी, अंग्रेजी, समाजशास्त्र, राजनीति विज्ञान, एम. कॉम., एम.एससी. गणित, भौतिकी, रसायन विज्ञान, प्राणि विज्ञान तथा वनस्पति विज्ञान जैसे विषय उपलब्ध हैं। इसके अतिरिक्त पत्रकारिता एवं जनसंचार, योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा, कंप्यूटर आधारित पाठ्यक्रम, कौशल विकास कार्यक्रम तथा विभिन्न वैल्यू एडेड एवं रोजगारपरक कोर्स भी संचालित किए जा रहे हैं। यही कारण है कि विश्वविद्यालय न केवल आजमगढ़ बल्कि मऊ, बलिया, गाजीपुर, जौनपुर, अंबेडकरनगर, संत कबीरनगर, गोरखपुर तथा अन्य जनपदों के विद्यार्थियों की पहली पसंद बनता जा रहा है।
व्यावसायिक पाठ्यक्रमों की बढ़ी मांग-विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार वर्तमान समय में रोजगार
और व्यावसायिक अवसरों से जुड़े पाठ्यक्रमों की मांग तेजी से बढ़ रही है। बी.बी.ए. और बी.सी.ए., बी.ई, जैसे पाठ्यक्रमों में कॉरपोरेट एवं आईटी सेक्टर में बढ़ती संभावनाओं के कारण विद्यार्थियों का विशेष रुझान दिखाई दे रहा है। वहीं बी.ए. एलएल.बी. और एलएल.एम. में न्यायिक सेवाओं, अधिवक्ता व्यवसाय तथा विधिक क्षेत्र में करियर की संभावनाओं को देखते हुए बड़ी संख्या में आवेदन प्राप्त हुए हैं। एम.एससी. प्राणि विज्ञान में भी शोध एवं प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले विद्यार्थियों की रुचि उल्लेखनीय रूप से बढ़ी है।
समय रहते सीट सुरक्षित करने की अपील
प्रवेश समिति के संयोजक डॉ. सियाराम शुक्ल ने बताया कि समर्थ पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया लगातार जारी है। उन्होंने अभ्यर्थियों से अपील की है कि वे अंतिम तिथि की प्रतीक्षा किए बिना समय रहते ऑनलाइन पंजीकरण कर प्रवेश शुल्क जमा करें और अपनी सीट सुरक्षित कर लें। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की तकनीकी समस्या, दस्तावेज सत्यापन अथवा अन्य जानकारी के लिए विश्वविद्यालय का हेल्प डेस्क विद्यार्थियों की सहायता हेतु उपलब्ध है।
छात्र-केंद्रित शिक्षा के लिए प्रतिबद्ध है विश्वविद्यालय : कुलपति
महाराजा सुहेलदेव विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. संजीव कुमार ने कहा कि विश्वविद्यालय विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण, आधुनिक और रोजगारोन्मुखी शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने कहा, "प्रवेश की अंतिम तिथि को 20 जून तक बढ़ाने का निर्णय विद्यार्थियों की मांग और उनके हितों को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। हमारा उद्देश्य है कि कोई भी छात्र या छात्रा केवल समय की कमी के कारण उच्च शिक्षा के अवसर से वंचित न रहे। विश्वविद्यालय में आधुनिक प्रयोगशालाएं, समृद्ध पुस्तकालय, डिजिटल शिक्षण व्यवस्था, शोध को प्रोत्साहन तथा विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराया जा रहा है। मुझे विश्वास है कि अधिकाधिक विद्यार्थी विश्वविद्यालय परिवार से जुड़कर अपने उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव रखेंगे।"
कुलपति ने अभ्यर्थियों से अपील करते हुए कहा कि वे समर्थ पोर्टल के माध्यम से शीघ्र आवेदन कर अपनी सीट सुनिश्चित करें तथा किसी भी समस्या की स्थिति में विश्वविद्यालय प्रशासन से संपर्क करें। विश्वविद्यालय प्रशासन के इस निर्णय का विद्यार्थियों, अभिभावकों एवं शिक्षाविदों ने स्वागत किया है। प्रवेश तिथि बढ़ाए जाने से बड़ी संख्या में ऐसे अभ्यर्थियों को अवसर मिलेगा जो किसी कारणवश निर्धारित समय सीमा में आवेदन नहीं कर पाए थे। विशेषज्ञों का मानना है कि यह निर्णय क्षेत्र में उच्च शिक्षा के विस्तार तथा अधिकाधिक विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगा।
