देवल, ब्यूरो चीफ,शक्तिनगर, सोनभद्र। शक्तिनगर से अनपरा तक का मुख्य मार्ग इन दिनों बदहाली की चरम सीमा पर पहुंच चुका है। वाराणसी-शक्तिनगर मुख्य मार्ग स्थित खड़िया बाजार चौराहे पर बने बड़े-बड़े गड्ढे राहगीरों और वाहन चालकों के लिए गंभीर खतरा बन गए हैं। सड़क की जर्जर स्थिति के कारण आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं, लेकिन जिम्मेदार विभाग अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठा सका है।
खड़िया बाजार चौराहा क्षेत्र का सबसे व्यस्त इलाका माना जाता है, जहां से प्रतिदिन हजारों लोगों और वाहनों का आवागमन होता है। सड़क के बीचों-बीच बने गहरे गड्डों में दोपहिया वाहन चालक अक्सर संतुलन खोकर गिर जाते हैं। कई लोग घायल भी हो चुके हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि रात के समय और बारिश के दौरान यह मार्ग और अधिक खतरनाक हो जाता है। स्थिति को और गंभीर बना रहे हैं इस मार्ग से गुजरने वाले कोयला लदे भारी ट्रक और डंपर। एनसीएल परियोजनाओं और ताप विद्युत गृहों से जुड़े सैकड़ों भारी वाहन प्रतिदिन इस सड़क से गुजरते हैं। भारी वाहनों के लगातार दबाव के कारण सड़क की परत उखड़ चुकी है और गड्ढे लगातार बड़े होते जा रहे हैं। रेलवे ओवरब्रिज और अंडरपास के नीचे की सड़क की हालत भी बेहद खराब है। कई स्थानों पर सड़क पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी है, जिससे वाहन चालकों को रेंगते हुए गुजरना पड़ता है। अचानक ब्रेक लगाने और वाहन फंसने की घटनाएं आम हो गई हैं, जिससे दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है। धूल, गड्डों और जाम जैसी समस्याओं से स्थानीय दुकानदारों और राहगीरों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। क्षेत्रवासियों का आरोप है कि कई बार शिकायतें करने और मांग उठाने के बावजूद सड़क की स्थायी मरम्मत नहीं कराई गई। लोगों का कहना है कि करोड़ों रुपये के राजस्व और बड़े औद्योगिक प्रतिष्ठानों वाले क्षेत्र की मुख्य सड़क की यह स्थिति प्रशासनिक उदासीनता को दर्शाती है। स्थानीय नागरिकों ने जिला प्रशासन, लोक निर्माण विभाग तथा संबंधित अधिकारियों से तत्काल सड़क की मरम्मत कराने और गड्ढों को भरवाने की मांग की है। क्षेत्रवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही सड़क की मरम्मत नहीं कराई गई तो किसी बड़े हादसे से इनकार नहीं किया जा सकता। अब लोगों की निगाहें जिम्मेदार विभागों पर टिकी हैं कि आखिर कब इस महत्वपूर्ण मार्ग को सुरक्षित और सुगम बनाया जाएगा।
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