देवल संवाददाता, मऊ। जिलाधिकारी आनंद वर्द्धन की अध्यक्षता में स्थानीय निकायों की मासिक समीक्षा बैठक कैंप कार्यालय में संपन्न हुई। बैठक में प्लास्टिक पॉलिथीन के उपयोग पर प्रतिबंध,स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत व्यक्तिगत,सामुदायिक एवं सार्वजनिक शौचालयों की स्थिति, प्रधानमंत्री आवास (शहरी) योजना, कर एवं करेत्तर देयों की वसूली, मार्ग प्रकाश व्यवस्था,कूड़ा निस्तारण एवं अपशिष्ट प्रबंधन, सफाई व्यवस्था, नाला सफाई, दलित एवं मलिन बस्तियों में अवस्थापना सुविधाएं,मान्यवर कांशीराम जी शहरी गरीब आवास, पेयजल व्यवस्था एवं वॉटर टेस्टिंग, अवस्थापना विकास निधि, अतिक्रमण मुक्ति,राज्य वित्त आयोग से प्राप्त धनराशि,अमृत एवं स्मार्ट सिटी योजना,नमामि गंगे योजना तथा पीएम स्वनिधि योजना की विस्तृत समीक्षा की गई।
प्लास्टिक एवं पॉलिथीन पर प्रतिबंध की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने सभी अधिशासी अधिकारियों को बड़े प्रतिष्ठानों एवं थोक व्यापारियों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए।उन्होंने स्पष्ट कहा कि अगले माह की समीक्षा में प्रगति संतोषजनक न मिलने पर संबंधित अधिशासी अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।प्रधानमंत्री आवास (शहरी) योजना की समीक्षा में जिलाधिकारी ने परियोजना अधिकारी डूडा को निर्देशित किया कि पात्रता मानकों का भौतिक सत्यापन कर योग्य लाभार्थियों को योजना का लाभ उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने अधिशासी अधिकारियों को चेतावनी दी कि किसी भी स्तर पर आवेदनों को अनावश्यक रूप से लंबित न रखा जाए।कर एवं करेत्तर देयों की वसूली की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि नगर निकाय क्षेत्रों में हो रहे नए निर्माण कार्यों की नियमित निगरानी की जाए तथा बिना निर्धारित मानकों के निर्माण होने पर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।मार्ग प्रकाश व्यवस्था की समीक्षा में उन्होंने कहा कि नियमित मॉनिटरिंग कर खराब स्ट्रीट लाइटों को तत्काल ठीक कराया जाए, जिससे नागरिकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। कूड़ा निस्तारण एवं अपशिष्ट प्रबंधन की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि कूड़े का निस्तारण केवल निर्धारित स्थलों पर किया जाए तथा किसी भी स्थिति में सड़कों के किनारे कूड़ा न जलाया जाए। कूड़ा जलाते पाए जाने पर संबंधित व्यक्ति के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश भी दिए गए।
जिलाधिकारी ने सभी नगर निकायों में नियमित सफाई एवं फॉगिंग अभियान संचालित करने के निर्देश दिए। उन्होंने मलिन बस्तियों में कराए गए विकास कार्यों का विस्तृत विवरण प्रस्तुत करने को कहा तथा मान्यवर कांशीराम जी शहरी गरीब आवासों में नियमित सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करने और अनधिकृत रूप से निवास कर रहे व्यक्तियों का चिन्हीकरण करने के निर्देश दिए।पेयजल व्यवस्था एवं वॉटर टेस्टिंग की समीक्षा में जिलाधिकारी ने नियमित जल गुणवत्ता परीक्षण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि नगर निकायों में सामग्री क्रय,बिल भुगतान अथवा किसी भी कार्य का भुगतान भौतिक सत्यापन के बिना किए जाने पर संबंधित अधिशासी अधिकारी के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी,जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी संबंधित अधिकारी की होगी।अवस्थापना विकास निधि से कराए गए कार्यों का विवरण 15 दिनों के भीतर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। सार्वजनिक मार्गों एवं सरकारी भूमि पर किए गए अतिक्रमण को हटाने हेतु प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने को भी कहा गया।जिलाधिकारी ने सभी अधिशासी अधिकारियों को नगर निकायों में तैनात कार्मिकों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यदि कोई कार्मिक अपने तैनाती स्थल पर अनुपस्थित पाया जाता है तो उसके विरुद्ध सेवा समाप्ति की कार्रवाई की जाए। साथ ही आईजीआरएस पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए कहा कि शिकायतों को लंबित रखने पर संबंधित अधिशासी अधिकारी के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।बैठक में अपर जिलाधिकारी प्रवेंद्र कुमार,परियोजना निदेशक ग्राम्य विकास अभिकरण तथा जनपद के समस्त अधिशासी अधिकारी उपस्थित रहे।
