कनाडा की इंटेलिजेंस एजेंसी CSIS ने 40 से ज्यादा सालों में पहली बार माना है कि 1985 में एअर इंडिया फ्लाइट 182 में हुए बम धमाके में खालिस्तानी आतंकवादियों का हाथ था, जिसमें 329 लोगों की मौत हो गई थी।
कनिष्क त्रासदी को 'आतंकवाद की एक घिनौनी हरकत' बताते हुए, ओटावा की इंटेलिजेंस एजेंसी ने कनाडा में रहने वाले खालिस्तानी आतंकवादियों को बम लगाने का जिम्मेदार ठहराया।
