देवल संवाददाता, मऊ। जिलाधिकारी आनंद वर्द्धन की अध्यक्षता में जिला स्वास्थ्य समिति (शासी निकाय) की बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में सम्पन्न हुई। बैठक में स्वास्थ्य विभाग की विभिन्न योजनाओं एवं कार्यक्रमों की विस्तृत समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार,मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने तथा जनहितकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु आवश्यक निर्देश दिए।संस्थागत प्रसव की समीक्षा के दौरान सरकारी अस्पतालों में कम प्रसव होने पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की। खराब प्रदर्शन करने वाले बडराव एवं मोहम्मदाबाद गोहना के स्वास्थ्य अधीक्षकों को कड़ी फटकार लगाते हुए कहा कि लगातार दो माह से खराब प्रदर्शन स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने अप्रैल एवं मई माह के प्रदर्शन के आधार पर दोनों चिकित्सा अधीक्षकों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए तथा चेतावनी दी कि यदि आगामी माह में भी सुधार नहीं हुआ तो वेतन रोकने की कार्रवाई की जाएगी। साथ ही पी एच सी एवं सीएचसी की रैंडम जांच कराने के निर्देश भी दिए।बैठक में 18 नए उप केंद्रों के निर्माण की प्रगति की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने बताया कि विभिन्न विकास खंडों में अब तक 8 स्थानों पर भूमि उपलब्ध हो चुकी है। उन्होंने जहां भूमि उपलब्ध हो गई है वहां तत्काल निर्माण कार्य प्रारंभ कराने के निर्देश दिए। जिन विकास खंडों में अभी भूमि उपलब्ध नहीं हुई है,उनकी सूची उप जिलाधिकारियों को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए ताकि शीघ्र भूमि उपलब्ध कराई जा सके।फर्स्ट रेफरल यूनिट (एफआरयू) पर सिजेरियन प्रसव की कम संख्या पाए जाने पर जिलाधिकारी ने गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि प्रसव सेवाओं में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और भविष्य में स्थिति में सुधार न होने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।परिवार नियोजन कार्यक्रम की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने केवल महिला नसबंदी तक सीमित न रहते हुए अन्य परिवार नियोजन साधनों को भी बढ़ावा देने तथा लोगों को जागरूक करने के निर्देश दिए। पल्स पोलियो अभियान एवं विटामिन-ए अनुपूरण कार्यक्रम की समीक्षा में माइक्रो प्लान के अनुरूप कार्य सुनिश्चित करने को कहा।
राष्ट्रीय टीकाकरण कार्यक्रम की प्रगति संतोषजनक पाए जाने पर जिलाधिकारी ने टीमों की सराहना की। वहीं कुष्ठ रोग उन्मूलन अभियान में और तेजी लाने के निर्देश दिए। राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम की समीक्षा के दौरान उन्होंने निक्षय मित्रों के कार्यों की प्रगति की जांच कर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। जिला क्षय रोग अधिकारी को अधिक से अधिक ग्राम पंचायतों को टीबी मुक्त बनाने हेतु विशेष अभियान चलाने को कहा। उन्होंने बताया कि जनपद की 645 ग्राम पंचायतों में से अभी तक केवल 175 ग्राम पंचायतें ही टीबी मुक्त घोषित हो सकी हैं,जिसे बढ़ाने के लिए विशेष प्रयास किए जाएं।
बिना पंजीकरण संचालित अस्पतालों के विरुद्ध अभियान चलाकर कार्रवाई करने के निर्देश देते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि जनस्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वाले संस्थानों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।आरबीएसके टीमों की सक्रियता बढ़ाने के निर्देश देते हुए जिलाधिकारी ने जिला महिला चिकित्सालय स्थित एसएनसीयू में भर्ती बच्चों की संख्या की समीक्षा की। उन्होंने सभी विकास खंडों के चिकित्सा अधीक्षकों को अधिक से अधिक रेफरल भेजने के निर्देश दिए तथा मुख्य चिकित्सा अधीक्षक, जिला महिला चिकित्सालय को एसएनसीयू में सुविधाएं बढ़ाने को कहा।पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी) की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने बेड ऑक्युपेंसी दर न्यूनतम 75 प्रतिशत बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कुपोषित बच्चों की कम भर्ती पर नाराजगी व्यक्त करते हुए अधिक से अधिक बच्चों को चिन्हित कर एनआरसी में भर्ती कराने के निर्देश दिए।जिला चिकित्सालय के ब्लड बैंक की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने मुख्य चिकित्सा अधीक्षक को नियमित रक्तदान शिविर आयोजित करने तथा सामाजिक संगठनों के सहयोग से अधिक से अधिक रक्तदाताओं को जोड़ने के निर्देश दिए,जिससे ब्लड बैंक में पर्याप्त रक्त उपलब्धता सुनिश्चित हो सके।
आयुष्मान भारत योजना की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को निर्देशित किया कि गोल्डन कार्ड धारकों को निजी अस्पतालों में योजना का लाभ मिल रहा है अथवा नहीं,इसकी नियमित मॉनिटरिंग की जाए तथा किसी भी प्रकार की शिकायत मिलने पर तत्काल कार्रवाई की जाए।एम्बुलेंस सेवाओं की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने जनपद के समस्त निजी अस्पतालों से उनके यहां पंजीकृत एम्बुलेंसों का विवरण,संख्या एवं पंजीकरण संख्या प्राप्त करने के निर्देश दिए। साथ ही अभियान चलाकर फर्जी एम्बुलेंसों के विरुद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा।
पीसीपीएनडीटी अधिनियम के क्रियान्वयन की समीक्षा में इस माह मात्र चार निरीक्षण किए जाने पर जिलाधिकारी ने असंतोष व्यक्त किया। उन्होंने प्रति माह कम से कम 15 से 20 निरीक्षण किए जाने तथा मानकों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित अल्ट्रासाउंड केंद्रों एवं क्लीनिकों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई करने के निर्देश दिए।बैठक में मुख्य विकास अधिकारी विवेक श्रीवास्तव,मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ.पंकज कुमार राय,समस्त चिकित्सा अधीक्षक,स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। जिलाधिकारी ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े सभी अधिकारी शासन की मंशा के अनुरूप कार्य करें तथा जनसामान्य को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने में कोई कमी न रहने दें।
