देवल, ब्यूरो चीफ,सोनभद्र। रॉबर्ट्सगंज लोकसभा सीट से समाजवादी पार्टी के सांसद छोटेलाल खरवार ने उत्तर प्रदेश की राजनीति में नया सियासी विमर्श छेड़ दिया है। उन्होंने सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर और निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय निषाद को अपनी-अपनी पार्टियों का समाजवादी पार्टी में विलय करने का खुला प्रस्ताव दिया है। साथ ही दावा किया कि सपा में आने पर उन्हें चुनाव जिताने के साथ कैबिनेट मंत्री भी बनाया जाएगा।
सांसद छोटेलाल खरवार ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि ओम प्रकाश राजभर और संजय निषाद दोनों ही पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) समाज का प्रतिनिधित्व करते हैं। यदि वे समाजवादी पार्टी में शामिल होते हैं तो उन्हें अपनी बात रखने और समाज के हितों के लिए काम करने का बेहतर अवसर मिलेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा में सहयोगी
दलों और पीडीए वर्ग के नेताओं को अपनी बात रखने की पूरी स्वतंत्रता नहीं मिलती। इसके साथ ही उन्होंने भाजपा में मौजूद पीडीए वर्ग के नेताओं से भी समाजवादी पार्टी में शामिल होने की अपील की। खरवार ने कहा कि 2024 के लोकसभा चुनाव में पीडीए की ताकत के सामने भाजपा को बड़ा नुकसान उठाना पड़ा और उसकी सीटें आधे से भी कम रह गईं। उन्होंने दावा किया कि उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, संजय निषाद के पुत्र, ओम प्रकाश राजभर के पुत्र, दारा सिंह चौहान समेत कई बड़े नेता चुनाव हार चुके हैं। उनका कहना था कि जिस तरह 2024 में पीडीए ने भाजपा को चुनौती दी, उसी प्रकार 2027 के विधानसभा चुनाव में भी भाजपा सिमट कर रह जाएगी। सपा सांसद ने यह भी कहा कि राजनीति में कौन किसके साथ जाएगा और किस दल का किसमें विलय होगा, इसका फैसला समय करेगा। हालांकि उनके इस प्रस्ताव पर अभी तक ओम प्रकाश राजभर या संजय निषाद की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि छोटेलाल खरवार का यह बयान आगामी विधानसभा चुनावों से पहले बदलते राजनीतिक समीकरणों और नए गठबंधन संकेतों के रूप में देखा जा रहा है। इससे प्रदेश की सियासत में नई चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है।
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