देवल, ब्यूरो चीफ,सोनभद्र। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सेवा, सुशासन एवं गरीब कल्याण के 12 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में पंचायत रिसोर्स सेंटर परिसर में आयोजित चार दिवसीय भव्य विकास प्रदर्शनी में जनपद के विकास, औद्योगिक प्रगति, तकनीकी नवाचार और जनकल्याणकारी योजनाओं की झलक देखने को मिली। प्रदर्शनी में बड़ी संख्या में नागरिकों, विद्यार्थियों, युवाओं और जनप्रतिनिधियों ने पहुंचकर विकास की बदलती तस्वीर को करीब से देखा।
प्रदर्शनी का शुभारंभ प्रदेश सरकार के राज्यमंत्री संजीव कुमार गौड़ ने फीता काटकर किया। इस अवसर पर विधायक घोरावल डॉ. अनिल कुमार मौर्य, विधायक सदर भूपेश चौबे, अनुसूचित जनजाति आयोग के उपाध्यक्ष जीत सिंह खरवार, जिलाधिकारी चर्चित गौड़, मुख्य विकास अधिकारी जागृति अवस्थी, भाजपा जिलाध्यक्ष नन्दलाल गुप्ता, जिला प्रभारी अनिल सिंह, पूर्व राज्यसभा सांसद रामसकल तथा पूर्व सांसद नरेन्द्र सिंह कुशवाहा सहित अनेक जनप्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित रहे। राज्यमंत्री संजीव कुमार गौड़ ने कहा कि कभी पिछड़े जनपदों में गिना जाने वाला सोनभद्र आज ऊर्जा उत्पादन, उद्योग, शिक्षा, स्वास्थ्य, डिजिटल सेवाओं और आधारभूत संरचना के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति कर प्रदेश के अग्रणी जिलों में अपनी पहचान बना रहा है। उन्होंने कहा कि केंद्र और प्रदेश सरकार की योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से विकास की नई धारा प्रवाहित हुई है तथा औद्योगिक निवेश और तकनीकी नवाचारों के माध्यम से रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर बढ़े हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश को देश की सबसे तेजी से विकसित होती अर्थव्यवस्थाओं में शामिल बताते हुए कहा कि मजबूत कानून-व्यवस्था और निवेश अनुकूल वातावरण ने विकास को नई गति दी है। जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने कहा कि यह प्रदर्शनी केवल उपलब्धियों का प्रदर्शन नहीं, बल्कि सोनभद्र की परिवर्तनकारी विकास यात्रा का प्रतिबिंब है। उन्होंने कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, पेयजल, कृषि, उद्योग और डिजिटल सेवाओं के क्षेत्र में जिले ने उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। प्रशासन का उद्देश्य विकास योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है। उन्होंने युवाओं से तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास और नवाचार के माध्यम से आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया। प्रदर्शनी में विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टालों पर सरकारी योजनाओं, विकास परियोजनाओं और सुशासन की उपलब्धियों को आकर्षक ढंग से प्रदर्शित किया गया। लाभार्थियों की सफलता की कहानियां भी लोगों के साथ साझा की गईं। आधुनिक तकनीकों पर आधारित तकनीकी वीथिकाएं प्रदर्शनी का प्रमुख आकर्षण रहीं, जहां ड्रोन तकनीक, थ्री-डी प्रिंटिंग, रोबोटिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, इंटरनेट ऑफ थिंग्स, ब्लूटूथ नियंत्रित वाहन, लाइन फॉलोइंग और ऑब्स्टेकल अवॉइडिंग रोबोट सहित विभिन्न तकनीकी मॉडलों का प्रदर्शन किया गया। कृषि क्षेत्र में तकनीक के बढ़ते उपयोग को भी प्रमुखता से प्रस्तुत किया गया। किसानों को ड्रोन आधारित कृषि सर्वेक्षण, कीटनाशक छिड़काव, स्मार्ट कृषि उपकरणों और आधुनिक खेती की तकनीकों की जानकारी दी गई। वहीं जनपद की औद्योगिक क्षमता को प्रदर्शित करते हुए एनसीएल, आवादा ग्रुप, अदाणी समूह, हिंडालको, ओबरा तापीय परियोजना और अल्ट्राटेक जैसी प्रमुख औद्योगिक इकाइयों ने अपनी उपलब्धियों और भविष्य की योजनाओं को प्रदर्शित किया। माध्यमिक शिक्षा विभाग की अटल टिंकरिंग लैब के विद्यार्थियों द्वारा तैयार नवाचार आधारित मॉडल भी आकर्षण का केंद्र रहे। प्रदर्शनी ने यह संदेश दिया कि सरकारी विद्यालय अब नवाचार, शोध और कौशल विकास के नए केंद्र बन रहे हैं। चार दिवसीय यह विकास प्रदर्शनी विकसित भारत और विकसित उत्तर प्रदेश के संकल्प को साकार करने की दिशा में बढ़ते सोनभद्र की नई उड़ान का सशक्त उदाहरण बनकर उभरी।
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