देवल, ब्यूरो चीफ,सोनभद्र। एक्शन एड के सहयोग से विकासखंड नगवां के आदिवासी बहुल ग्राम बाराडॉड़ में हीट वेव से सुरक्षा एवं श्रमिक कल्याण अभियान के तहत जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में ग्रामीण मजदूरों, किसानों एवं श्रमिकों को बढ़ते जलवायु परिवर्तन और उसके प्रभावों के प्रति जागरूक किया गया।
मानवाधिकार रक्षक कमलेश कुमार ने कहा कि बढ़ते तापमान, अनियमित वर्षा, सूखा, लू तथा अन्य प्राकृतिक आपदाएं गरीब एवं श्रमिक समुदायों के जीवन और आजीविका पर सबसे अधिक प्रभाव डाल रही हैं। उन्होंने कहा कि जलवायु परिवर्तन केवल पर्यावरणीय समस्या नहीं, बल्कि सामाजिक एवं आर्थिक न्याय से जुड़ा विषय भी है। ऐसे में जलवायु न्याय की अवधारणा के तहत प्रभावित समुदायों को आवश्यक संसाधन, सुरक्षा और अधिकार उपलब्ध कराना जरूरी है। कार्यक्रम के दौरान हीट वेव से बचाव के लिए पर्याप्त पानी पीने, धूप में काम करते समय सिर को ढकने, दोपहर के समय अनावश्यक श्रम से बचने, ओआरएस का सेवन करने तथा लू के लक्षण दिखाई देने पर तुरंत चिकित्सकीय सहायता लेने की जानकारी दी गई। इस अवसर पर श्रम विभाग द्वारा संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की भी जानकारी दी गई। श्रमिकों को ई-श्रम पंजीकरण, निर्माण श्रमिक पंजीकरण, मातृत्व सहायता, शिक्षा सहायता, दुर्घटना सहायता, पेंशन सहित अन्य सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ लेने के लिए प्रेरित किया गया। साथ ही उन्हें अपने अधिकारों के प्रति सजग रहने और सरकारी योजनाओं से जुड़ने का आह्वान किया गया। ग्रामीणों ने प्रशिक्षण कार्यक्रम को उपयोगी बताते हुए कहा कि जलवायु परिवर्तन और श्रमिक अधिकारों से संबंधित ऐसी जानकारी गांव स्तर तक पहुंचना वर्तमान समय की आवश्यकता है। कार्यक्रम के अंत में प्रतिभागियों ने हीट वेव से बचाव के उपायों को अपनाने तथा अन्य लोगों को भी जागरूक करने का संकल्प लिया।
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