देवल, ब्यूरो चीफ,डाला, सोनभद्र। नगर पंचायत क्षेत्र में विकास कार्यों की गुणवत्ता को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। वार्ड संख्या-4 में निर्माणाधीन सीसी सड़क को लेकर सभासदों ने मानक विहीन निर्माण का आरोप लगाते हुए ठेकेदार एवं संबंधित अधिकारियों के खिलाफ नाराजगी जताई है। सभासदों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई न होने पर उच्चाधिकारियों से शिकायत करने की चेतावनी दी है।
सभासद प्रतिनिधि राजेश पटेल ने बताया कि वार्ड संख्या-4 में मुख्य मार्ग से बाबा जी के घर होते हुए राजकुमार यादव के घर तक सीसी सड़क का निर्माण कराया जा रहा है। उनका आरोप है कि सड़क निर्माण कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं किया जा रहा है तथा गुणवत्ता की अनदेखी की जा रही है। इस संबंध में संबंधित अधिकारी एवं जूनियर इंजीनियर (जेई) को सूचना दी गई थी। सूचना पर अधिकारी मौके पर पहुंचे और मानक के अनुसार कार्य कराने का निर्देश दिया, लेकिन निर्माण स्थल पर ठेकेदार मौजूद नहीं मिला। सभासदों का कहना है कि नगर पंचायत में कई बार ठेकेदार कार्य का ठेका लेने के बाद निर्माण कार्य स्थानीय लोगों के भरोसे छोड़ देते हैं, जबकि नियमानुसार उनका मौके पर उपस्थित रहना आवश्यक है। इससे निर्माण कार्यों की गुणवत्ता प्रभावित होती है और अनियमितताओं की शिकायतें सामने आती रहती हैं। उन्होंने बताया कि वार्ड संख्या-4 में चल रहे सड़क निर्माण कार्य को मानक विहीन पाए जाने पर दो बार रुकवाया भी गया, लेकिन इसके बावजूद कार्य की गुणवत्ता में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ। इसको लेकर स्थानीय जनप्रतिनिधियों और नागरिकों में असंतोष व्याप्त है। राजेश पटेल ने दावा किया कि मौके पर मौजूद वार्ड संख्या-6 के सभासद नीतीश निषाद ने कहा कि काम ऐसे ही होगा, जिसे जो करना हो कर ले। इस कथित बयान को लेकर भी क्षेत्र में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि नगर पंचायत के अन्य वार्डों में निर्माण कार्यों की शिकायत मिलने पर जांच कर कार्य रुकवा दिया जाता है, लेकिन इस मामले में लगातार विवाद के बावजूद अब तक कोई स्पष्ट कार्रवाई नहीं हुई है। इससे लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। सभासदों ने मांग की है कि निर्माण कार्य की गुणवत्ता की निष्पक्ष जांच कराई जाए और दोषी पाए जाने वालों के विरुद्ध कार्रवाई की जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द उचित कदम नहीं उठाए गए तो मामले को उच्च अधिकारियों के समक्ष उठाते हुए उच्चस्तरीय जांच की मांग की जाएगी।
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