आमिर, देवल ब्यूरो ,जौनपुर। मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम जिले में 14 गौसेवकों को आजीवन कारावास की सजा सुनाए जाने के मामले को लेकर विरोध के स्वर तेज होने लगे हैं। सोमवार को राष्ट्रवीर सेना के पदाधिकारियों ने जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर महामहिम राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन नायब तहसीलदार सदर को सौंपा। संगठन ने दोषियों को क्षमादान दिए जाने की मांग करते हुए न्यायिक निर्णय पर पुनर्विचार की अपील की।
राष्ट्रवीर सेना के अध्यक्ष महेश कुमार के नेतृत्व में पहुंचे प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि सिवनी मालवा न्यायालय ने नजीर अहमद हत्याकांड में दीपक केवट, अजय राठौर, कन्हैया, गौरव सहित 14 लोगों को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। संगठन का कहना है कि सजा से गौसेवा और गौरक्षा से जुड़े लोगों का मनोबल प्रभावित होगा तथा भविष्य में गौहत्या रोकने के प्रयासों पर भी नकारात्मक असर पड़ सकता है।
ज्ञापन में राष्ट्रपति से संविधान के अनुच्छेद-72 के तहत प्रदत्त क्षमादान की शक्तियों का उपयोग करते हुए सभी दोषियों को राहत प्रदान करने का अनुरोध किया गया है। प्रतिनिधिमंडल का दावा है कि मामले में पर्याप्त और ठोस साक्ष्य उपलब्ध नहीं थे, इसलिए प्रकरण की निष्पक्ष समीक्षा और पुनर्विचार आवश्यक है।
राष्ट्रवीर सेना के पदाधिकारियों ने कहा कि गौरक्षा भारतीय संस्कृति, परंपरा और धार्मिक आस्था से जुड़ा विषय है। संगठन ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर उचित विचार नहीं किया गया तो प्रदेश स्तर पर व्यापक आंदोलन शुरू किया जाएगा।
ज्ञापन सौंपने के दौरान उपाध्यक्ष आलोक सेठ, मंत्री नीरज सेठ, कोषाध्यक्ष मंगल सेठ, सियाराम गुप्ता, दीपक सेठ, सुरेंद्र, चंदन सोनी, अधिवक्ता उग्रसेन यादव, प्रीतम वर्मा सहित बड़ी संख्या में संगठन के कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
