देवल संवाददाता, आजमगढ़। मुबारकपुर पुलिस ने दहेज उत्पीड़न, जबरन गर्भपात कराने और विवाहिता को आग लगाकर मारने के प्रयास के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए पति और सास को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने दोनों आरोपियों को न्यायालय भेज दिया है।
पुलिस के अनुसार, पीड़िता की शादी 5 मई 2025 को मुस्लिम रीति-रिवाज के अनुसार मुबारकपुर कस्बे के कटरा निवासी फरमान अहमद पुत्र अब्दुल गनी के साथ हुई थी। आरोप है कि विवाह के कुछ समय बाद ही पति फरमान अहमद और उसकी मां जाहेदा खातून ने दहेज में तीन लाख रुपये नकद तथा एक बुलेट मोटरसाइकिल की मांग शुरू कर दी। मांग पूरी न होने पर विवाहिता को मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जाने लगा तथा उसके गहने और उपहार भी छीन लिए गए।
पीड़िता ने आरोप लगाया कि उसे घर से निकाल दिया गया था। बाद में सामाजिक स्तर पर हुए समझौते के बाद वह पुनः ससुराल पहुंची। इसी दौरान गर्भवती होने पर पति और सास ने मिलकर उसका जबरन गर्भपात करा दिया। इसके बाद फरवरी 2026 में दहेज की मांग को लेकर विवाहिता की बेरहमी से पिटाई की गई और कथित रूप से जान से मारने की नीयत से उस पर आग लगा दी गई।
घटना के बाद उपचार कराने और स्वस्थ होने पर पीड़िता ने 2 जून 2026 को थाना मुबारकपुर में तहरीर दी। तहरीर के आधार पर पुलिस ने मुकदमा संख्या 209/2026 के तहत धारा 109(1), 115(2), 89, 85 बीएनएस तथा 3/4 दहेज प्रतिषेध अधिनियम में मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू की।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आजमगढ़ डॉ. अनिल कुमार के निर्देश पर महिलाओं से संबंधित अपराधों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत उपनिरीक्षक धर्मेन्द्र शर्मा और उनकी टीम ने दोनों आरोपियों को रोडवेज स्टैंड क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार अभियुक्तों में मुहम्मद फरमान (27 वर्ष) और उसकी मां जाहेदा खातून (76 वर्ष), निवासी कटरा कस्बा मुबारकपुर शामिल हैं।
पुलिस टीम में चौकी प्रभारी कस्बा उपनिरीक्षक धर्मेन्द्र शर्मा, कांस्टेबल मुकुन्द लाल मिश्र, कांस्टेबल शैलेन्द्र कुमार यादव, महिला कांस्टेबल पूजा गुप्ता तथा महिला कांस्टेबल शिवानी शुक्ला शामिल रहीं।
